Wed, 07 Oct 202611:31 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 11:31 AM IST
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बिलासपुर: मर्डर हिस्ट्रीशीटर ने बस रोककर एजेंट को पीटा, सवारी बैठाने की मांगी रंगदारी; CCTV वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पर सामान्य धाराओं में केस रफादफा करने का आरोप

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक हत्या के मामले में हिस्ट्रीशीटर रहे बदमाश ने सरेआम गुंडागर्दी की हदें पार कर दीं। इस हिस्ट्रीशीटर ने बस एजेंट का काम करने वाले युवकों से रंगदारी की मांग की और जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी जमकर पिटाई कर दी। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है और अब इसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद जहां शहर में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इतनी संगीन घटना के बावजूद पुलिस ने मामूली और सामान्य धाराओं में प्रकरण दर्ज करके इसे रफादफा करने की कोशिश की है।

वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, यह घटना बिलासपुर के व्यस्त मार्ग पर उस समय घटी जब एक बस यात्रियों को लेकर जा रही थी। बताया जा रहा है कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर ने चलती हुई बस को रुकवा लिया। बस रुकने के बाद वह अपने अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा और बस एजेंट का काम करने वाले युवकों के पास गया। उसने एजेंटों से सीधे तौर पर रंगदारी की मांग रखी। उसकी मांग थी कि एजेंट उसे नियमित रूप से अवैध वसूली का हिस्सा दें और उसके कहने पर बस में विशेष सवारियां बैठाई जाएं। यह मांग किसी आम विवाद का हिस्सा नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से की गई रंगदारी की वसूली थी, जिसका मकसद बस संचालन और एजेंटों के कामकाज पर अपना अवैध कब्जा जमाना था।

जब बस एजेंटों ने इस तरह की अवैध वसूली देने और मनमानी शर्तें मानने से साफ इनकार कर दिया, तो हिस्ट्रीशीटर भड़क उठा। उसने अपनी दबंगई दिखाते हुए पहले एजेंटों के साथ गाली-गलौज शुरू की और फिर देखते ही देखते अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला बोल दिया। सीसीटीवी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह आरोपी और उसके साथी युवकों को घेरकर उनकी बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। बदमाशों ने एजेंटों को लात-घूंसों से पीटा, जिससे वहां मौजूद अन्य यात्रियों और राहगीरों में भी भारी दहशत फैल गई। हमले के दौरान कोई भी व्यक्ति बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया, क्योंकि आरोपी एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर था और उसके साथ कई अन्य बदमाश भी मौजूद थे। पिटाई की यह घटना काफी देर तक चली और इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

इस घटना का सीसीटीवी वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर वायरल हुआ, लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि किस तरह एक हत्या का आरोपी खुलेआम सड़कों पर गुंडागर्दी कर रहा है और आम लोगों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, लोगों का गुस्सा सिर्फ आरोपियों पर नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भी फूट पड़ा है। पीड़ित पक्ष और स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट आरोप है कि पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे हल्के में लिया है। आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर रंगदारी और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों को नजरअंदाज करते हुए केवल सामान्य धाराओं में मामला दर्ज किया है, ताकि आरोपी को कड़ी सजा से बचाया जा सके और केस को जल्द से जल्द रफादफा किया जा सके।

बिलासपुर में इस तरह की घटना इसलिए भी ज्यादा चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि आरोपी कोई छोटा-मोटा बदमाश नहीं है, बल्कि हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल रह चुका हिस्ट्रीशीटर है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ऐसे खतरनाक अपराधियों पर पुलिस की निगरानी पुख्ता नहीं है? क्या उन्हें खुलेआम घूमने और दूसरों को धमकाने की छूट मिली हुई है? आम जनता का कहना है कि अगर एक हत्यारे हिस्ट्रीशीटर को बस रोककर दिनदहाड़े एजेंटों को पीटने और रंगदारी मांगने की हिम्मत हो रही है, तो यह शहर की कानून व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। लोग मांग कर रहे हैं कि इस मामले में केवल सामान्य धाराओं के बजाय गैंगस्टर एक्ट, रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसी सख्त धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए।

इस पूरे मामले में जब पुलिस अधिकारियों से बात की गई, तो थाना प्रभारी (TI) ने घटना की पुष्टि की है। TI ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आखिरकार किन-किन धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है और क्या रंगदारी की मांग वाले पहलू को प्राथमिकी में शामिल किया गया है या नहीं। पुलिस द्वारा ‘कार्रवाई की जा रही है’ कहने के बावजूद, स्थानीय लोगों का संदेह बरकरार है कि दबाव या किसी अन्य कारणवश मामले को कमजोर किया जा रहा है।

बिलासपुर शहर में बस संचालन और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कारोबार पर इस घटना का गहरा असर पड़ा है। बस एजेंटों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े अन्य कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि अगर पुलिस ऐसे हिस्ट्रीशीटरों पर लगाम नहीं लगाएगी, तो उनके लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। रंगदारी न देने पर जान का खतरा बना रहता है और देने पर उनका कारोबार ठप हो जाता है। फिलहाल, पूरा मामला सीसीटीवी वीडियो के सहारे चर्चा में है और देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस वायरल वीडियो और जनता के बढ़ते दबाव के बाद क्या ठोस कदम उठाता है। क्या आरोपी हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, या फिर यह मामला भी सामान्य धाराओं की भेंट चढ़कर ठंडे बस्ते में चला जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।