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Thu, Oct 8, 2026Updated 10:00 AM IST
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ब्लैक सी में रूसी तेल टैंकर पर यूक्रेनी समुद्री ड्रोन से हमला, जहाज में लगी आग; 48 घंटे में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर तीसरा अटैक

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वांदे भारत न्यूज़। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच ब्लैक सी (काला सागर) में एक बार फिर बड़ा हमला सामने आया है। रूस के ब्लैक सी तट के पास एक तेल टैंकर को यूक्रेनी समुद्री ड्रोन ने निशाना बनाया। इस हमले के बाद तेल टैंकर में भीषण आग लग गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस तेल टैंकर पर यह हमला किया गया, उस पर कुल 23 लोगों का क्रू सवार था। हालांकि, अभी तक क्रू सदस्यों की सुरक्षा और उनकी स्थिति को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह घटना ब्लैक सी में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और व्यापारिक जहाजों पर खतरे को एक बार फिर उजागर करती है।

इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तेल टैंकर पर हमले के बाद आग की लपटें और धुआं उठता हुआ देखा जा सकता है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ब्लैक सी क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले महज 48 घंटों के भीतर भारतीय नाविकों से जुड़े या उनके संचालन वाले जहाजों पर यह तीसरा हमला है। इन 48 घंटों में हुए तीन हमलों में से दो हमले ब्लैक सी क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं, जबकि तीसरा हमला मध्य पूर्व के अत्यंत संवेदनशील और व्यस्त जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुआ है।

ब्लैक सी में हुए दूसरे हमले की विस्तृत जानकारी अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन यह तय है कि इस क्षेत्र में व्यापारिक और ऊर्जा परिवहन करने वाले जहाजों के लिए खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुए तीसरे हमले ने वैश्विक शिपिंग उद्योग की चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस संकीर्ण जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर हमला न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर लगातार हो रहे इन हमलों ने भारत सरकार और भारतीय शिपिंग उद्योग के लिए भी चिंता का विषय पैदा कर दिया है। दुनिया भर के समुद्री मार्गों पर हजारों भारतीय नाविक कार्यरत हैं, जो विभिन्न देशों के व्यापारिक जहाजों पर सेवाएं देते हैं। युद्धग्रस्त क्षेत्रों और तनावपूर्ण समुद्री मार्गों से गुजरने वाले इन जहाजों पर काम करने वाले भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है। पिछले 48 घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए इन हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई भी समुद्री मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रह गया है।

ब्लैक सी में तेल टैंकरों पर होने वाले हमलों का सीधा असर रूस के ऊर्जा निर्यात और यूक्रेन के अनाज निर्यात दोनों पर पड़ता है। रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से ही ब्लैक सी एक प्रमुख नौसैनिक युद्ध क्षेत्र बन चुका है। यूक्रेन ने अपनी नौसेना की सीमित क्षमताओं के बावजूद समुद्री ड्रोन्स का इस्तेमाल करके रूसी बेड़े और उसके व्यापारिक जहाजों को भारी नुकसान पहुंचाया है। ये समुद्री ड्रोन रिमोट कंट्रोल से संचालित होते हैं और विस्फोटकों से लैस होते हैं, जो अपने लक्ष्य से टकराकर उसे भारी क्षति पहुंचाते हैं। ताजा मामले में भी यूक्रेनी समुद्री ड्रोन के तेल टैंकर से टकराने की ही पुष्टि हुई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्लैक सी में शिपिंग की सुरक्षा को लेकर कई समझौते और पहलें हो चुकी हैं, जिनमें अनाज निर्यात को सुचारू रूप से चलाने के लिए किए गए प्रयास शामिल हैं। हालांकि, इन समझौतों के बावजूद हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। तेल टैंकर पर हुए इस ताजा हमले और उसमें लगी आग से उत्पन्न होने वाला पर्यावरणीय खतरा भी कम नहीं है। समुद्र में तेल रिसाव होने की स्थिति में ब्लैक सी के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, जिसका असर तटीय देशों की मत्स्य पालन व्यवस्था और पर्यावरण पर भी पड़ेगा।

वैश्विक शिपिंग कंपनियां अब अपने जहाजों के रूट बदलने और बीमा शुल्क में भारी वृद्धि का सामना कर रही हैं। युद्धग्रस्त क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों का वॉर रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम आसमान छू रहा है, जिसका अंतिम बोझ वैश्विक व्यापार और उपभोक्ताओं पर पड़ता है। 48 घंटे में तीन हमलों की यह श्रृंखला इस बात का संकेत है कि समुद्री मार्गों पर खतरे का दायरा केवल ब्लैक सी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्य पूर्व के होर्मुज जैसे अन्य महत्वपूर्ण जलमार्गों तक फैल चुका है।

फिलहाल, 23 क्रू सदस्यों वाले इस तेल टैंकर पर आग बुझाने के प्रयास और क्रू की सुरक्षित निकासी को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। संबंधित अधिकारियों और शिपिंग कंपनियों की ओर से आधिकारिक बयानों का इंतजार किया जा रहा है। वांदे भारत न्यूज़ इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही क्रू सदस्यों की स्थिति या हमले के पीछे की अन्य पुष्ट जानकारी सामने आएगी, उसे अपडेट किया जाएगा।