Tue, 06 Oct 20263:42 PM
Tue, Oct 6, 2026Updated 3:42 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

बुरहानपुर: रूपसिंह पंवार पर कार्रवाई के विरोध में बंजारा समाज ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग

WhatsAppFacebookX

बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में गंभीरपुरा स्थित शिवा बाबा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रूपसिंह पंवार के खिलाफ 22 सितंबर को हुई कार्रवाई का बंजारा समाज द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा है। इस मामले में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों के बंजारा समाज के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए बुरहानपुर जिला कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। समाज की ओर से दी गई इस आवेदन में रूपसिंह पंवार के मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराए जाने और कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से जांच किए जाने की मांग की गई है। इसके साथ ही समाज ने यह भी स्पष्ट मांग रखी है कि मामले से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की पारदर्शिता की कमी न रहे और वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुरहानपुर जिले के गंभीरपुरा क्षेत्र में स्थित शिवा बाबा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रूपसिंह पंवार के खिलाफ बीती 22 सितंबर को प्रशासनिक या पुलिस स्तर पर कोई कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई की जानकारी जैसे ही बंजारा समाज तक पहुंची, समाज के लोगों में भारी रोष व्याप्त हो गया। बंजारा समाज का मानना है कि रूपसिंह पंवार के खिलाफ की गई यह कार्रवाई बिना उचित और निष्पक्ष जांच के की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं होगी, तो निर्दोष व्यक्तियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और समाज में असंतोष का वातावरण पैदा होगा।

इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बंजारा समाज का विरोध केवल बुरहानपुर या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहा है। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के बंजारा समाज ने भी इस मामले में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश के बंजारा समाज का पूर्ण समर्थन किया है। दोनों राज्यों के समाज के लोगों ने मिलकर बुरहानपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को अपना ज्ञापन सौंपा। यह दर्शाता है कि रूपसिंह पंवार के मामले को लेकर बंजारा समाज में कितनी गहरी एकजुटता है और वे इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमाएं आपस में मिलती हैं और इन दोनों राज्यों में बंजारा समाज की बड़ी आबादी निवास करती है। ऐसे में दोनों राज्यों के समाज का एक साथ आकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखना इस मामले के सामाजिक और क्षेत्रीय महत्व को रेखांकित करता है।

ज्ञापन सौंपते समय बंजारा समाज के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से कई अहम मांगें रखीं। पहली और सबसे प्रमुख मांग यह है कि रूपसिंह पंवार पर 22 सितंबर को हुई कार्रवाई के पीछे के सभी तथ्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी या अधिकारियों द्वारा जांच कराई जाए। समाज का कहना है कि जांच में किसी भी प्रकार का दबाव या पक्षपात नहीं होना चाहिए। दूसरी अत्यंत महत्वपूर्ण मांग सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने को लेकर की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि घटनास्थल या उससे संबंधित क्षेत्रों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया जाए। उनका तर्क है कि सीसीटीवी फुटेज किसी भी घटना का सबसे सटीक और प्रमाणिक साक्ष्य होता है। यदि ये फुटेज मिटा दिए गए, खराब हो गए या छेड़छाड़ कर दी गई, तो सच्चाई सामने आना बेहद मुश्किल हो जाएगा और जांच की दिशा भटक सकती है। इसलिए समाज ने प्रशासन से अपील की है कि जब तक पूरी जांच प्रक्रिया संपन्न नहीं हो जाती, तब तक सभी वीडियो सबूतों को सुरक्षित रखा जाए।

गंभीरपुरा स्थित शिवा बाबा मंदिर ट्रस्ट क्षेत्र में एक धार्मिक और सामाजिक संस्था के रूप में जाना जाता है। रूपसिंह पंवार इस ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष पर हुई कार्रवाई को समाज ने केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि अपने पूरे समाज और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय माना है। यही कारण है कि समाज के लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर प्रशासन के पास पहुंचे और उन्होंने अपनी बात को शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से रखा। समाज ने यह भी कहा कि वे कानून व्यवस्था का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन उनका यह भी अधिकार है कि वे न्याय और निष्पक्षता की मांग करें।

वहीं, बंजारा समाज की ओर से सौंपे गए इस ज्ञापन को लेकर बुरहानपुर जिला प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक और विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। यह देखा जाना बाकी है कि जिला कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी समाज की इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं और रूपसिंह पंवार के मामले में आगे की जांच किस दिशा में बढ़ती है। समाज ने प्रशासन से आश्वस्त करने की मांग की है कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर उचित और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बुरहानपुर में बंजारा समाज का यह विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन देने की घटना ने स्थानीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 22 सितंबर की कार्रवाई के बाद प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बंजारा समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले में न्याय मिलने तक लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे और प्रशासन से संवाद बनाए रखेंगे।