Tue, 06 Oct 202611:39 PM
Tue, Oct 6, 2026Updated 11:39 PM IST
होम › पंजाब

चंडीगढ़ की जूडो खिलाड़ी इशरूप नारंग ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, सीनियर विश्व चैंपियनशिप में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

WhatsAppFacebookX

चंडीगढ़। वंदे भारत न्यूज़। चंडीगढ़ की 20 वर्षीय जूडो खिलाड़ी इशरूप नारंग ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारत का नाम रोशन किया है। इशरूप ने सीनियर विश्व रैंकिंग में शीर्ष 100 खिलाड़ियों में अपनी जगह बना ली है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जूडो महासंघ (IJF) द्वारा आयोजित होने वाली सीनियर विश्व जूडो चैंपियनशिप में भाग लेने की आधिकारिक योग्यता हासिल कर ली है। यह प्रतियोगिता अजरबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित की जाएगी। इशरूप अब दुनिया की शीर्ष जूडो खिलाड़ियों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी और अपनी दमखम दिखाएंगी।

इशरूप नारंग की यह सफलता भारतीय जूडो के लिए एक गर्व का क्षण है। बीस वर्ष की उम्र में सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग के टॉप-100 में जगह बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। इसके लिए निरंतर कठिन परिश्रम, अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन की आवश्यकता होती है। इशरूप ने अपने पिछले प्रदर्शनों के आधार पर रैंकिंग अंक जुटाए हैं, जिसके चलते उन्हें इस प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप में खेलने का अवसर मिला है। यह केवल इशरूप की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ और पूरे देश के खेल प्रेमियों के लिए भी एक उत्साहवर्धक खबर है।

अंतरराष्ट्रीय जूडो महासंघ (IJF) की ओर से आयोजित की जाने वाली यह सीनियर विश्व जूडो चैंपियनशिप खेल के क्षेत्र में सबसे बड़े और प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक मानी जाती है। इस प्रतियोगिता में दुनिया भर से केवल वे ही खिलाड़ी हिस्सा ले पाते हैं, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर विश्व रैंकिंग में अपनी स्थिति को मजबूत किया हो। IJF की कड़ी मानदंडों के अनुसार, इशरूप नारंग ने टॉप-100 रैंकिंग में जगह बनाकर यह साबित कर दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य दिग्गज खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देने में पूरी तरह सक्षम हैं।

अजरबैजान के बाकू शहर में होने वाली इस विश्व चैंपियनशिप के मुकाबले 7 और 8 अक्टूबर को निर्धारित किए गए हैं। इन दो दिनों में इशरूप नारंग मैट पर उतरेंगी और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ जूडो खिलाड़ियों के विरुद्ध अपना हुनर आजमाएंगी। बाकू जैसा अंतरराष्ट्रीय मंच किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इशरूप के लिए यह टूर्नामेंट उनके भविष्य के खेल करियर के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चंडीगढ़ शहर ने हमेशा से खेलों के क्षेत्र में देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। इशरूप नारंग की यह ताजा उपलब्धि शहर की उस समृद्ध खेल परंपरा को और भी अधिक मजबूती प्रदान करती है। मात्र 20 साल की उम्र में सीनियर वर्ग में विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना दर्शाता है कि चंडीगढ़ में जूडो जैसे मार्शल आर्ट्स खेलों को लेकर युवाओं में कितनी गहरी रुचि और लगन है। इशरूप की इस सफलता से शहर के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की संभावना है, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।

विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए तैयारी का स्तर बहुत ऊंचा होता है। इस स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी तरह तैयार रहना पड़ता है। इशरूप नारंग ने अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए जो सफर तय किया है, उसमें कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका समावेश रहा होगा। IJF की रैंकिंग प्रणाली में अंक प्राप्त करने के लिए खिलाड़ियों को नियमित रूप से विभिन्न टूर्नामेंटों में भाग लेना होता है और अच्छा प्रदर्शन करना होता है। इशरूप का टॉप-100 में पहुंचना उनकी इसी निरंतर मेहनत का परिणाम है।

भारतीय जूडो के इतिहास में जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भारतीय खिलाड़ी का नाम आता है, तो वह पूरे देश के लिए गर्व की बात होती है। इशरूप नारंग अब उन चुनिंदा भारतीय जूडो खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने सीनियर विश्व चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त किया है। 7 और 8 अक्टूबर को बाकू में होने वाले इन मुकाबलों पर पूरे देश और विशेषकर चंडीगढ़ के खेल प्रेमियों की निगाहें टिकी रहेंगी।

इशरूप नारंग के इस ऐतिहासिक कदम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय जूडो महासंघ (IJF) द्वारा आयोजित इस विश्व चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन आने वाले समय में भारतीय जूडो की दिशा और दशा तय करने में मददगार साबित हो सकता है। अब सभी की निगाहें 7 और 8 अक्टूबर को बाकू के मैट पर होने वाले उन मुकाबलों पर होंगी, जहां चंडीगढ़ की यह 20 वर्षीय बेटी विश्व की शीर्ष खिलाड़ियों के सामने भारत का परचम लहराने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी।