प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए सीएम सुक्खू (फाइल फौटो )
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस संगठन में फिर से पेंच फंस गया है। कांग्रेस के कुछ बड़े नेता प्रदेश में संगठनात्मक जिलों की संख्या बढ़ाने की हाईकमान से मांग कर रहे हैं, जबकि कई लीडर इसका विरोध कर रहे हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने सीएम सुखविंदर सिंह
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CM से चर्चा के बाद कांग्रेस हाईकमान संगठन को फाइनल कर सकता है और इसी सप्ताह राज्य, जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी घोषित की जाएगी। पार्टी सूत्र बताते हैं कि राज्य और ब्लॉक कार्यकारिणी लगभग फाइनल हो गई है। जिला कार्यकारिणी को लेकर अंतिम फैसला होना है।
सूत्रों के अनुसार, रजनी पाटिल ने मुख्यमंत्री सुक्खू को सभी जिलों के अध्यक्षों की लिस्ट के साथ दिल्ली बुलाया है, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह पहले ही राज्य, जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी की लिस्ट हाईकमान को सौंप चुकी हैं।
अब जिलाध्यक्ष को लेकर हाईकमान तय करेगा कि किस जिला में कौन से गुट को पार्टी अध्यक्ष बनाया जाए।
रजनी पाटिल से मिलते हुए सीएम सुक्खू (फाइल फोटो)
संगठनात्मक जिलों को लेकर हो सकता है फैसला
CM की रजनी पाटिल से चर्चा के बाद संगठनात्मक जिलों की संख्या बढ़ाने को लेकर आज फैसला हो सकता है। प्रदेश में अभी कांग्रेस के 13 संगठनात्मक जिला है। दूसरी तरफ BJP के 17 संगठनात्मक जिला है।
कांग्रेस का एक धड़ा बीजेपी की तर्ज पर 17 संगठनात्मक जिला चाह रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को संगठन में एडजस्ट किया जा सके और प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सके। इसी वजह से नई कार्यकारिणी का गठन भी लटका हुआ है।

150 दिन से बिना संगठन के कांग्रेस
हिमाचल में सत्तारूढ़ कांग्रेस 150 दिन से बिना संगठन के है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीते साल 6 नवंबर को हिमाचल की राज्य, जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी घोषित की थी। तब से हिमाचल में कांग्रेस का संगठन नहीं है। प्रदेश में इकलौती पदाधिकारी प्रतिभा सिंह बची है।
कांग्रेस अध्यक्ष बदलने के कम आसार
प्रदेश में लंबे समय से कांग्रेस अध्यक्ष को भी बदलने की चर्चाएं थी। सूत्र बताते हैं कि अभी कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने के आसार नहीं है। ऐसा करने से होलीलॉज खेमा नाराज हो सकता है। इसलिए कांग्रेस अभी प्रतिभा सिंह के साथ आगे बढ़ सकती है।