आपकी योजना – आपकी सरकार – आपके द्वार” अभियान का समापन, एक दिन में 13,095 आवेदन, 2,681 लाभुकों को मिली परिसंपत्तियां

editor
3 Min Read

धनबाद28 नवंबर 2025-:झारखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष एवं सेवा का अधिकार सप्ताह के अवसर पर चलाया गया विशेष अभियान “आपकी योजना – आपकी सरकार – आपके द्वार” शुक्रवार को अपने अंतिम दिन धनबाद जिले में भी बेहद प्रभावी रहा। विभिन्न प्रखंडों के पंचायतों और नगर निकायों के वार्डों में लगे शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी लोग पहुंचे और सरकारी योजनाओं का लाभ लिया।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने जानकारी दी कि आज कुल 13,095 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 642 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया। साथ ही 2,681 लाभुकों के बीच ऑन द स्पॉट परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

आज प्राप्त आवेदनों का ब्योरा इस प्रकार है–जाति प्रमाण पत्र : 189आय प्रमाण पत्र : 141जन्म प्रमाण पत्र : 134मृत्यु प्रमाण पत्र : 32दाखिल-खारिज वाद : 61जमीन मापी : 4भूमि धारण प्रमाण पत्र : 26नया राशन कार्ड : 1,570स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र : 116वृद्धा पेंशन : 898विधवा पेंशन : 50दिव्यांगता पेंशन : 44कंबल : 60धोती–साड़ी–लूंगी : 196झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़े आवेदन : 143विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाएं : 9,431

वहीं जिन 642 आवेदनों का निस्तारण किया गया, उनमें –75 जाति प्रमाण पत्र55 आय प्रमाण पत्र38 जन्म प्रमाण पत्र11 मृत्यु प्रमाण पत्र26 नया राशन कार्ड32 स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र53 वृद्धा पेंशन6 विधवा पेंशन1 दिव्यांगता पेंशन108 धोती–साड़ी–लूंगी70 सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़े आवेदन167 अन्य लोक कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन शामिल हैं।

परिसंपत्तियों के वितरण के तहत –28 लाभुकों को लेमिनेटेड जाति प्रमाण पत्र811 स्वयं सहायता समूह/क्लस्टर मेंबर को पहचान पत्र31 छात्र–छात्राओं को साइकिल1,464 लाभुकों को स्वेटरतथा अन्य 347 लाभुकों सहित कुल 2,681 लोगों को परिसंपत्तियां दी गईं।

शिविरों में जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के बीडीओ–सीओ एवं विभागीय कर्मी मौजूद रहे और लाभुकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास किया।उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि “रजत पर्व के इस वर्ष राज्य सरकार का संकल्प है कि अंतिम छोर के व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। ‘आपकी योजना – आपकी सरकार – आपके द्वार’ कार्यक्रम उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है।”

Leave a Comment