हाजीपुर, 27 नवंबर 2025पूर्व मध्य रेल मुख्यालय, हाजीपुर में आज हिंदी साहित्य के महान कवि और प्रतिष्ठित साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य राजभाषा अधिकारी सह प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री विजय कुमार ने किया। उन्होंने हरिवंश राय बच्चन को हिंदी के अप्रतिम साहित्यकार बताते हुए कहा कि उन्होंने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार व समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।श्री कुमार ने बच्चन जी की प्रसिद्ध कृति “मधुशाला” सहित उनकी आत्मकथा श्रृंखला—“क्या भूलूँ क्या याद करूँ”, “नीड़ का निर्माण फिर”, “बसेरे से दूर” और “दशद्वार से सोपान तक”—को हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर बताया।
कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता एवं उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (दावा) श्री प्रियदर्शी सुजीत ने बच्चन जी की कविताओं की संवेदना, गहराई और व्यापकता के बारे में अपने विचार साझा किए।वहीं उप विसमुलेधि (सामान्य) श्री संतोष कुमार गुप्ता ने उनके जीवन और साहित्य पर सारगर्भित व्याख्यान देते हुए कहा कि बच्चन जी की रचनाएँ भारतीय परंपरा की उत्सवधर्मिता को दर्शाती हैं और जीवन की चुनौतियों से जूझते हुए भी उत्सव मनाने की प्रेरणा देती हैं।
इस मौके पर वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक श्री लक्ष्मी प्रसाद सिंह और सामान्य सहायक मनीष राज ने भी बच्चन जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन श्री केशव त्रिपाठी, उप महाप्रबंधक (राजभाषा) ने किया।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों ने हरिवंश राय बच्चन को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।
















