धनबाद, 10 दिसंबर 2025।झारखंड विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र में धनबाद विधायक एवं पार्टी के सचेतक राज सिन्हा ने अपने क्षेत्र से जुड़े दो गंभीर मुद्दे सदन में मजबूती से उठाए। उन्होंने राजस्व—निबंधन विभाग में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और मैथन डैम परियोजना से विस्थापित अनुसूचित जनजाति परिवारों के अधिकारों का सवाल सरकार के सामने रखा।
दो वर्षों में 400 करोड़ का बिना पैन कार्ड रजिस्ट्रेशन—विधायक ने उठाया बड़ा सवाल विधायक राज सिन्हा ने सदन में खुलासा किया कि धनबाद जिला के गोविंदपुर एवं धनबाद उप निबंधन कार्यालयों में पिछले दो वर्षों में 1600 से अधिक संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन बिना पैन कार्ड प्रस्तुत किए किया गया। इन लेन–देन का कुल मूल्य 400 करोड़ रुपये से अधिक है।उन्होंने बताया कि कई मामलों में करोड़ों की संपत्ति दर्ज होने के बावजूद फॉर्म–60 तक उपलब्ध नहीं है, जो कि नियमों के अनुसार अनिवार्य है।सिन्हा ने कहा कि—“यह स्पष्ट रूप से भारी वित्तीय अनियमितता और राजस्व की बड़ी हानि का मामला है। इसमें शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”उन्होंने सदन में मांग की कि दोषियों को चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी भ्रष्टाचारपूर्ण गतिविधियाँ रोकी जा सकें।
मैथन डैम के एसटी विस्थापितों का मुद्दा—70 साल बाद भी नहीं मिला मालिकाना हक विधायक सिन्हा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से वर्ष 1954 में निर्मित मैथन डैम परियोजना से विस्थापित 30 अनुसूचित जनजाति परिवारों की पीड़ा सदन में रखी।उन्होंने बताया कि इन परिवारों को सीजुआ गांव से विस्थापित कर मौजा केसरकुराल (एंगारकुंड) तथा आसपास के क्षेत्रों में बसाया गया था। उस समय डीवीसी ने उन्हें हुकुमनामा दिया, जिसके आधार पर वे 70 वर्षों से अपनी पुनर्वासित भूमि पर घर और खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं।लेकिन अब तक इन परिवारों को• न तो मालिकाना हक मिला,• न जमीन का नामांतरण,• न सरकारी योजनाओं का लाभ।विधायक सिन्हा ने सदन में पुरजोर मांग की—“मैथन डैम के एसटी विस्थापित परिवारों को उनके पुनर्वासित भूखंड का तत्काल कानूनी स्वामित्व अधिकार प्रदान किया जाए।”
सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांगसिन्हा ने कहा कि दोनों मुद्दे धनबाद ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता और सामाजिक न्याय से जुड़े हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि—निबंधन कार्यालयों में हुई करोड़ों की अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।मैथन डैम से विस्थापित एसटी परिवारों के मालिकी अधिकार को तत्काल मंजूरी देकर उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके।उनके इन मुद्दों को सदन में गंभीरता से सुना गया और कार्रवाई को लेकर आश्वासन भी दिया गया।
















