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Tue, Oct 6, 2026Updated 12:35 AM IST
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दिवाली से पहले भोपाल में पटाखा फैक्ट्री सील: निर्धारित क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री मिलने पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दीपावली पर्व के ठीक पूर्व जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की गंभीर अवहेलना को लेकर एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। प्रशासनिक टीम ने शहर के बैरासिया क्षेत्र में स्थित एक पटाखा निर्माण फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। यह कदम फैक्ट्री परिसर में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान पाई गई खतरनाक अनियमितताओं और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के बाद उठाया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उक्त इकाई में विस्फोटक सामग्रियों का भंडारण निर्धारित वैधानिक क्षमता से काफी अधिक मात्रा में किया जा रहा था, जो न केवल कानूनन अपराध है बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों और श्रमिकों के जीवन के लिए भी अत्यंत घातक साबित हो सकता था।

दीपावली का त्योहार नजदीक होने के कारण बाजार में पटाखों की मांग में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है, लेकिन इस व्यावसायिक दबाव के बीच सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी करना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया था। बैरासिया स्थित इस फैक्ट्री में जब संयुक्त निरीक्षण दल पहुंचा, तो मौके पर जो स्थिति सामने आई वह बेहद आपत्तिजनक थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा विस्फोटक पदार्थों के संग्रहण की जो अधिकतम सीमा लाइसेंस या संबंधित अनुमतियों में तय की गई थी, उसका खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था। परिसर में जरूरत और अनुमति से कहीं ज्यादा बारूद और अन्य ज्वलनशील रसायन असुरक्षित तरीके से रखे हुए पाए गए। विस्फोटक अधिनियम और संबंधित सुरक्षा नियमावली के तहत किसी भी पटाखा निर्माण इकाई में एक निश्चित मात्रा से अधिक विस्फोटक सामग्री रखना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि दुर्घटना की स्थिति में इससे होने वाला नुकसान नियंत्रण से बाहर हो जाता है।

प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान केवल मात्रा का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रकार की अनियमितताएं भी सामने आईं। इन अनियमितताओं में सुरक्षा उपकरणों की कमी, अग्निशमन व्यवस्था की अपर्याप्तता और विस्फोटक पदार्थों के भंडारण के मानकों की अवहेलना शामिल है। पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोटक सामग्रियों को विशेष प्रकार के गोदामों में, निश्चित दूरी और तापमान नियंत्रण के साथ रखने के कड़े दिशा-निर्देश होते हैं। बैरासिया की इस फैक्ट्री में इन तकनीकी और सुरक्षात्मक पहलुओं की अनदेखी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। ऐसे में, किसी भी अप्रिय घटना को टालने और कानूनी व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बिना किसी देरी के फैक्ट्री को सील करने का निर्णय लिया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूरे प्रदेश में त्योहारी सीजन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं। पिछले वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में पटाखा फैक्ट्रियों में हुई दुर्घटनाओं ने प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए बाध्य किया है। भोपाल जिला प्रशासन की यह कार्रवाई अन्य अनधिकृत या लापरवाह इकाइयों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि दीपावली जैसे पर्व पर उत्सव का वातावरण बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन यह उत्सह जन-जीवन की सुरक्षा की कीमत पर नहीं हो सकता। निर्धारित क्षमता से अधिक विस्फोटक रखना सीधे तौर पर सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने जैसा है, इसलिए ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

फैक्ट्री को सील करने की प्रक्रिया के दौरान मौके पर पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति बनी रहे और सबूतों को सुरक्षित रखा जा सके। अब इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री संचालक के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की संभावना है। साथ ही, यह भी जांचा जाएगा कि क्या इस फैक्ट्री के पास मौजूद लाइसेंस वैध थे और यदि हां, तो उन्हें निलंबित या स्थायी रूप से रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी अनियमितताओं का निराकरण नहीं हो जाता और सुरक्षा मानकों की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक इस इकाई को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भोपाल जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और अन्य पटाखा विक्रेताओं एवं निर्माताओं से भी अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। यदि कहीं भी अवैध भंडारण या असुरक्षित गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। दीपावली पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन लगातार निरीक्षण अभियान चला रहा है और बैरासिया में की गई यह कार्रवाई उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। निर्धारित क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री का भंडारण केवल एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक कृत्य है जिसके परिणाम भयावह हो सकते हैं। प्रशासन की यह सख्ती यह दर्शाती है कि राजधानी में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।