डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए 13 महीने हुए हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, ईरान के सुप्रीम लीडर को मार गिराया, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए और राष्ट्राध्यक्षों को
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सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ट्रम्प क्या कर रहे हैं, सवाल यह है कि क्यों कर रहे हैं? क्या यह सब उनकी सनक है, या अमेरिका की गिरती इकोनॉमी और बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में ताकत बचाने की एक सोची-समझी रणनीति; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी…













अमेरिका ने उपनिवेश नहीं बनाए। उसने डॉलर का इस्तेमाल किया। ऐसी व्यवस्था बनाई की दुनिया के देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डॉलर का इस्तेमाल करेंगे। इसके बूते अमेरिका सुपरपावर बना। अब युद्धों, फिजूल खर्चों, पॉपुलिस्ट फैसलों का शिकार होकर अमेरिका भी स्पेन और ब्रिटेन वाली गलती कर रहा है।
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ग्राफिक्स: दृगचंद्र भुर्जी और अजीत सिंह
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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। अमेरिका-इजराइल ने 28 फरवरी की स्ट्राइक में उन्हें मार गिराया। खामेनेई खुलकर इजराइल के अस्तित्व को मिटाने की बात करते थे। नेतन्याहू मानते हैं कि खामेनेई की हत्या के बाद क्षेत्र में स्थिरता आ जाएगी। पूरी खबर पढ़िए…















