दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की साजिश नाकाम: भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने कॉकपिट में संघर्ष कर रोकी 9/11 जैसी घटना, पीएम मोदी ने की सराहना

वंदे भारत न्यूज़ डेस्क। दुबई से इजराइल जा रही एक यात्री विमान को हाईजैक कर उसे क्रैश कराने की एक बड़ी और खतरनाक साजिश को भारतीय मूल के पायलट ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस से नाकाम कर दिया है। इस घटना में जिस पायलट ने विमान को सुरक्षित रखने के लिए अपने ही को-पायलट से कॉकपिट के भीतर संघर्ष किया, उसका नाम स्मित मच्छर बताया गया है। यह पूरी घटना अंतरराष्ट्रीय उड्डयन सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि इसमें विमान को जानबूझकर क्रैश करने की नियत से हाईजैक करने का प्रयास किया गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई एयरलाइंस की यह उड़ान दुबई से इजराइल के लिए रवाना हुई थी। विमान जब हवा में था, तभी कॉकपिट के भीतर एक अप्रत्याशित और हिंसक घटनाक्रम शुरू हो गया। विमान के को-पायलट ने कथित तौर पर उड़ान को हाईजैक करने और उसे क्रैश कराने का प्रयास किया। इस दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच तीव्र संघर्ष हुआ। इस भिड़ंत में भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छर को चाकू लगने की भी बात सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने विमान का नियंत्रण अपने हाथ से नहीं जाने दिया। घायल होने और कॉकपिट के अत्यंत सीमित स्थान में खतरे का सामना करते हुए भी स्मित मच्छर ने विमान के कंट्रोल को बरकरार रखा और किसी भी बड़े हादसे को होने से पहले ही रोक दिया।
स्मित मच्छर की पृष्ठभूमि की बात करें तो वे पिछले चार वर्षों से फ्लाईदुबई एयरलाइंस के साथ कार्यरत हैं। उन्होंने चार साल पहले इस एयरलाइंस को जॉइन किया था और तब से वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। उनकी इसी अनुभव और दृढ़ता ने इस बार एक बड़ी विमानन दुर्घटना को टालने में निर्णायक भूमिका निभाई। कॉकपिट के भीतर अचानक उत्पन्न हुई इस जानलेवा स्थिति में उन्होंने जिस प्रकार से संयम और साहस का परिचय दिया, वह उड्डयन क्षेत्र में उनके प्रशिक्षण और समर्पण को दर्शाता है।
इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छर के साहसिक कदम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने 9/11 जैसा हमला रोका है। पीएम मोदी का यह बयान इस बात की ओर स्पष्ट संकेत देता है कि यदि समय रहते स्मित मच्छर ने विमान का नियंत्रण नहीं संभाला होता और को-पायलट की साजिश सफल हो गई होती, तो नतीजे अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों की तरह भयावह हो सकते थे। 9/11 की घटना में आतंकवादियों ने वाणिज्यिक विमानों को हाईजैक कर उन्हें इमारतों से टकरा दिया था, जिसमें हजारों लोगों की जान गई थी। ऐसे में, दुबई से इजराइल जा रही इस फ्लाइट को क्रैश कराने की कोशिश को विफल करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
फिलहाल, इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और एयरलाइंस प्रबंधन द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है। को-पायलट ने ऐसा क्यों किया और क्या इसके पीछे कोई संगठित साजिश या व्यक्तिगत कारण था, इसकी पुष्टि अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है। हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार यह स्पष्ट है कि विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया गया था। स्मित मच्छर द्वारा किए गए प्रतिरोध के कारण विमान सुरक्षित रहा और यात्रियों की जान बच सकी।
उड्डयन विशेषज्ञों का मानना है कि कॉकपिट के भीतर इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्लभ होती हैं, क्योंकि वहां सुरक्षा के कई स्तरीय प्रोटोकॉल लागू होते हैं। जब कोई सहकर्मी ही खतरे का कारण बन जाए, तो स्थिति को संभालना किसी भी पायलट के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। स्मित मच्छर ने चाकू लगने जैसी गंभीर शारीरिक पीड़ा के बावजूद फ्लाइट कंट्रोल नहीं छोड़ा, जो उनके असाधारण धैर्य और पेशेवर कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।
यह घटना न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए गर्व का विषय है, जहां एक भारतीय मूल के नागरिक ने अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी बचाई और एक संभावित अंतरराष्ट्रीय त्रासदी को टाल दिया। दुबई से इजराइल का मार्ग हमेशा से संवेदनशील रहा है, ऐसे में इस उड़ान की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भी अधिक महत्वपूर्ण था। स्मित मच्छर के इस साहसिक कृत्य की अब हर तरफ चर्चा हो रही है और उन्हें एक नायक के रूप में देखा जा रहा है। आगामी दिनों में इस मामले से जुड़ी और अधिक जानकारी तथा जांच के निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है, जिससे इस घटना के पीछे के असल कारणों का खुलासा हो सकेगा।

