पिता चलाते हैं ठेला, बेटा पहुंचा इंडियन आइडल — 18 साल बाद धनबाद से गूंजी सुरों की आवाज

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गोविंदपुर, धनबाद | 26 अक्टूबर 2025संघर्ष, समर्पण और सपनों की उड़ान की मिसाल बन गए हैं धनबाद के अभिषेक कुमार, जिन्होंने अपनी गायकी के दम पर देश के सबसे बड़े रियलिटी शो इंडियन आइडल 16 में जगह बनाई है। सरायढेला में चाट और गुपचुप का ठेला चलाने वाले अंजय साव के बेटे अभिषेक की इस सफलता ने पूरे झारखंड को गौरवान्वित कर दिया है।

गोविंदपुर के कुम्हारडीह निवासी अभिषेक ने साबित कर दिया कि यदि प्रतिभा और लगन हो, तो आर्थिक सीमाएँ भी मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकतीं। तीन साल की उम्र में अपने मामा और भजन गायक पंकज सांवरिया के साथ पहली बार स्टेज पर उतरे अभिषेक ने बचपन से ही संगीत को अपनी जिंदगी बना लिया था।

कोयला नगर डीएवी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद अभिषेक ने दिल्ली विश्वविद्यालय से म्यूजिक में मास्टर्स किया। कोलकाता में हुए इंडियन आइडल ऑडिशन में उन्होंने अपनी मधुर आवाज से जजों का दिल जीत लिया और मुंबई का टिकट हासिल किया।टीवी पर प्रसारित एक एपिसोड में जब जज श्रेया घोषाल ने उनसे पूछा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा क्या है, तो अभिषेक ने कहा —> “मेरे पिता ठेला चलाते हैं… मैं सबसे पहले उनके लिए एक फ्रिज खरीदना चाहता हूं।”

इस पर जज बादशाह ने मुस्कुराते हुए कहा —> “इस शो से जो तुम सीखोगे और जो नाम कमाओगे, वही तुम्हारी सारी इच्छाओं को पूरा करेगा।”अभिषेक की आवाज़ ने जजों के साथ-साथ दर्शकों का भी दिल जीत लिया। उनकी बहन भी संगीत और लॉ की पढ़ाई से जुड़ी हैं।

गौरतलब है कि अभिषेक धनबाद के चौथे कलाकार हैं जिन्होंने इंडियन आइडल के मंच पर कदम रखा है। इससे पहले पूजा चटर्जी, मियांग चांग और अभिषेक कुमार मिश्रा ने इस प्रतिष्ठित मंच पर अपने सुरों का जादू बिखेरा था।18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद धनबाद का नाम एक बार फिर इंडियन आइडल में गूंज रहा है।स्थानीय लोगों में गर्व और उत्साह का माहौल है —> “अब की बार सुरों की गूंज में धनबाद का नाम फिर चमकेगा।”#IndianIdol16 #Dhanbad #AbhishekKumar #JharkhandTalent #MusicJourney #Inspiration

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