धनबाद, 9 दिसंबर 2025 – आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के 100वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भारत की विकास नीति, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक परिस्थितियों पर महत्वपूर्ण विचार रखे। पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में उन्होंने कहा कि आज के बदलते भू-राजनीतिक माहौल में भारत को अपनी विकास यात्रा स्वयं निर्धारित करनी होगी।
अदाणी ने कहा, “भारत की वास्तविक संप्रभुता दो स्तंभों पर निर्भर करती है—हमारे पैरों के नीचे की संपदा और वह ऊर्जा जो हमारे विकास को गति देती है।”
‘नैरेटिव कॉलोनाइजेशन’ से सावधानी की अपील अपने संबोधन में उन्होंने विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों पर थोपे जा रहे एजेंडे पर चिंता जताई। अदाणी ने कहा कि जिन देशों ने दशकों तक सबसे अधिक कार्बन उत्सर्जन किया, वे अब भारत जैसे देशों को विकास की राह बताने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा, “अगर हमने अपनी कहानी खुद नहीं लिखी, तो हमारे सपनों को गलत ठहराने की कोशिश की जाएगी। यह भारत के आर्थिक और संसाधन आधारित आत्मनिर्भरता का दूसरा स्वतंत्रता संग्राम है।”
खनन को बताया भविष्य की ऊर्जा का आधार अदाणी ने कहा कि खनन को भले ही “पुरानी अर्थव्यवस्था” कहा जाए, लेकिन यह नई अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। खनन और भू-विज्ञान के ज्ञान पर ही ऊर्जा संक्रमण की सफलता आधारित है।
आईआईटी (आईएसएम) की सराहना उन्होंने संस्थान की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि 1926 में आईएसएम की स्थापना भारत की दूरदर्शी सोच का परिणाम थी, जिसने देश को खनन, भू-विज्ञान और ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई।
अदाणी ग्रुप की घोषणाएँ – छात्रों के लिए बड़ा अवसर गौतम अदाणी ने इस मौके पर कई अहम घोषणाएँ कीं—‘Adani 3S Mining Excellence Centre’ की स्थापना – TEXMiN के सहयोग से उन्नत तकनीकों जैसे ड्रोन बेड़ा, मेटावर्स लैब और सटीक खनन प्रणालियों के साथ यह केंद्र बनाया जाएगा।50 वार्षिक पेड इंटर्नशिप – तीसरे वर्ष के छात्रों के लिए हर साल 50 पेड इंटर्नशिप।25% छात्रों को रोजगार-पूर्व ऑफर – चयनित इंटर्न्स में से एक-चौथाई को अदाणी ग्रुप में PPO मिलेंगे।
छात्रों को प्रेरित करते हुए अदाणी ने कहा—“निर्भीक होकर सपने देखें, लगातार प्रयास करें और नवाचार को जीवन का हिस्सा बनाएं। आने वाला भारत आपके हाथों में है।”आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शताब्दी वर्ष का यह समारोह संस्थान की गौरवपूर्ण विरासत और तकनीकी नेतृत्व की नई यात्रा की शुरुआत का प्रतीक बना।

















