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नई दिल्ली20 मिनट पहले
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इससे पहले सरकार ने कंपनियों को अपने पुराने बचे हुए माल (अनसोल्ड स्टॉक ) की मैक्सिमम रिटेल प्राइज (MRP) बदलने की इजाजत दी थी।
नई GST दरों का ऐलान होने के बाद अब केंद्र सरकार ने कंपनियों से उनके प्रोडक्ट्स की नई अनुमानित कीमत की लिस्ट मांगी है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार नई और पुरानी कीमतों की लिस्ट GST की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी अपलोड करेगी।
बुधवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडाइरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में GST में हुई कटौती को सही से लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सरकार ने कंपनियों से यह भी कहा है कि वे अपनी दुकानों और डीलरशिप पर पुरानी और नई, दोनों तरह की कीमतें दिखाएं ताकि ग्राहकों को कोई दिक्कत न हो।
दरअसल, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि GST कटौती का फायदा पूरी तरह से ग्राहकों तक पहुंचे और कंपनियां इसका फायदा न उठाएं। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद कुछ कंपनियों ने कर कटौती का फायदा ग्राहकों को नहीं दिया था, जिसके बाद ‘नेशनल एंटी-प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी’ ने उन पर जुर्माना लगाया था।
सरकार ने कंपनियों को पुराने स्टॉक की MRP बदलने की इजाजत दी
सरकार ने 22 सितंबर से लागू हो रहीं नई GST दरों से पहले सरकार ने कंपनियों को अपने पुराने बचे हुए माल (अनसोल्ड स्टॉक ) की मैक्सिमम रिटेल प्राइज (MRP) बदलने की इजाजत दे दी है। मैन्युफैक्चरर्स, पैकर्स और इम्पोर्टर्स अब पुराने स्टॉक पर नई कीमतें स्टैंप, स्टिकर या ऑनलाइन प्रिंटिंग से डाल सकेंगे।
भारत के कंज्यूमर अफेयर डिपार्टमेंट ने मंगलवार को आदेश जारी कर कहा कि ये अनुमति 31 दिसंबर 2025 तक या पुराना स्टॉक खत्म होने तक लागू रहेगी। नई कीमतों के साथ कंपनियों को पुराना MRP दिखना जरूरी होगा।

GST में अब 4 की जगह केवल दो स्लैब
अब GST के 4 की जगह केवल दो स्लैब 5% और 18% होंगे। इससे आम जरूरत की चीजें जैसे साबुन, शैंपू के साथ AC, कार भी सस्ते होंगे। GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को इसकी जानकारी दी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि दूध, रोटी, पराठा, छेना समेत कई फूड आइटम GST फ्री होंगे। वहीं इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर भी टैक्स नहीं लगेगा। 33 जीवन रक्षक दवाएं, दुर्लभ बीमारियों और गंभीर बीमारियों के लिए दवाएं भी टैक्स फ्री होंगी।
लग्जरी आइटम्स और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब 28% की जगह 40% GST लगेगा। मध्यम और बड़ी कारें, 350cc से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिलें इस स्लैब में आएंगे।

इन बदलावों से आम आदमी को क्या फायदा होगा?
ये बदलाव आपकी जेब पर बोझ कम करेंगे। रोज के सामान, खाना की चीजें और छोटी गाड़ियां सस्ती हो जाएंगी। व्यक्तिगत, परिवार, और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य बीमा पर 18% टैक्स हट गया है। इससे बीमा लेना सस्ता होगा और ज़्यादा लोग इसे ले सकेंगे।
- सीमेंट पर टैक्स 28% से 18% हुआ, तो घर बनाने या मरम्मत का खर्च थोड़ा कम होगा।
- टीवी, एयर कंडीशनर जैसे सामान भी 28% से 18% टैक्स में आएंगे, यानी ये भी सस्ते होंगे।
- 33 जरूरी दवाइयां, खासकर कैंसर और गंभीर बीमारियों की दवाएं अब टैक्स-फ्री होंगी।
- छोटी कारें और 350cc तक की मोटरसाइकिलें अब 28% की जगह 18% टैक्स में आएंगी।
- ऑटो पार्ट्स और थ्री-व्हीलर पर भी टैक्स 28% से 18% हुआ, जिससे ये सस्ते होंगे।
उदाहरण: हेयर ऑयल
पहले: मान लो एक हेयर ऑयल की बोतल की कीमत 100 रुपए थी और उस पर 18% GST लगता था तो कैलकुलेशन कुछ इस तरह होगा…
जीएसटी = 100 × 18% = 18 रुपए
कुल कीमत = 100 + 18 = 118 रुपए
अब: नई दर 5% है।
जीएसटी = 100 × 5% = 5 रुपए
कुल कीमत = 100 + 5 = 105 रुपए
फायदा: पहले 118 रुपए में मिलने वाली बोतल अब 105 रुपए में मिलेगी।
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