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Sun, Oct 4, 2026Updated 5:28 PM IST
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गुना में पुलिस पेंशनर्स संघ का प्रांतीय अधिवेशन: रिटायर्ड DIG हरिसिंह यादव ने जताई चिंता, कहा- आज IPS और TI सीधे मुंह बात नहीं करते

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गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में पुलिस पेंशनर्स संघ के प्रांतीय अधिवेशन और चतुर्थ स्थापना दिवस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश भर के 33 जिलों से सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी शामिल हुए। अधिवेशन के दौरान पुलिस विभाग की वर्तमान कार्यप्रणाली, अधिकारियों के बीच बदलते व्यवहार और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थिति को लेकर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अपनी बात रखते हुए सेवानिवृत्त उप महानिरीक्षक (DIG) हरिसिंह यादव ने पुलिस अधिकारियों में घटती संवेदनशीलता पर खुले तौर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के समय में एक आईपीएस (IPS) अधिकारी और थाना प्रभारी (TI) सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं, जो विभाग के भीतर आए बदलाव और दूरियों का एक बड़ा उदाहरण है।

पुलिस पेंशनर्स संघ के इस चतुर्थ स्थापना दिवस और प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए रिटायर्ड DIG हरिसिंह यादव ने विस्तार से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पूर्व में पुलिस विभाग में वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय, सम्मान और संवाद का एक बेहतर माहौल हुआ करता था। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह स्थिति तेजी से बदली है। उनके अनुसार, आज अधिकारियों में वह संवेदनशीलता नहीं रही है जो पहले हुआ करती थी। आम जनता से जुड़े मामलों को हो या फिर विभाग के भीतर के सहकर्मियों के साथ व्यवहार को, हर जगह संवेदनशीलता की कमी साफ झलकती है। हरिसिंह यादव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पुलिस विभाग की नींव मजबूत करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सीधा और स्पष्ट संवाद होना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन मौजूदा दौर में ऐसा होता नहीं दिख रहा है।

सेवानिवृत्त DIG ने अपने संबोधन में पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों (ट्रेनिंग सेंटर्स) की भूमिका और उनकी वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को जो प्रशिक्षण दिया जाता है, उसमें सुधार की नितांत आवश्यकता है। ट्रेनिंग सेंटर्स को इस तरह से अपडेट और सुधारने की जरूरत है ताकि वहां से निकलने वाले पुलिसकर्मी न केवल कानून और तकनीकी रूप से दक्ष हों, बल्कि उनमें मानवीय संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी कूट-कूट कर भरा हो। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यदि प्रशिक्षण केंद्रों में बुनियादी सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य में विभाग की कार्यप्रणाली और जनता के साथ पुलिस के संबंधों में और अधिक गिरावट आ सकती है।

गुना में आयोजित इस प्रांतीय अधिवेशन में मध्य प्रदेश के 33 जिलों से सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। इतनी बड़ी संख्या में रिटायर्ड पुलिसकर्मियों का एक मंच पर जुटना इस बात का प्रमाण है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी आज भी विभाग की बेहतरी और अपनी समस्याओं को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं। चतुर्थ स्थापना दिवस के अवसर पर संघ के पिछले कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रदेश भर से आए इन सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने अपने-अपने क्षेत्रों और जिलों में पुलिसिंग से जुड़ी समस्याओं, पेंशन से संबंधित मुद्दों और सेवानिवृत्ति के बाद आने वाली चुनौतियों को भी रखा।

कार्यक्रम में शामिल सभी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने इस बात पर सहमति जताई कि पुलिस विभाग में अनुशासन, आपसी सम्मान और जनता के प्रति जवाबदेही को बनाए रखने के लिए ऐसे अधिवेशनों का आयोजन नियमित रूप से होता रहना चाहिए। रिटायर्ड DIG हरिसिंह यादव द्वारा उठाए गए मुद्दों पर उपस्थित अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपनी सहमति व्यक्त की। कई वरिष्ठ सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार पहले के समय में थाना स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सामंजस्यपूर्ण वातावरण काम करता था, जिससे आम जनता को भी न्याय मिलने में आसानी होती थी।

पुलिस पेंशनर्स संघ के इस प्रांतीय अधिवेशन ने जहां एक ओर सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को एकजुट होने का मंच प्रदान किया, वहीं दूसरी ओर वर्तमान पुलिस प्रशासन के सामने एक आईना रखने का काम भी किया। रिटायर्ड DIG हरिसिंह यादव की टिप्पणियां इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि विभाग के भीतर संवादहीनता और संवेदनशीलता की कमी एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिस पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। संघ ने यह भी तय किया कि सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के हितों की रक्षा और उनकी लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए भविष्य में भी संगठित रूप से आवाज उठाई जाती रहेगी। गुना में संपन्न हुए इस चतुर्थ स्थापना दिवस और प्रांतीय अधिवेशन ने पुलिस विभाग के पूर्व कर्मियों के बीच ऊर्जा और एकता का संचार किया है।