Wed, 07 Oct 20269:28 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 9:28 AM IST
होम › मध्य प्रदेश

गुना में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर साइबर ठगी: युवती को पहले 3,690 रुपये भेजकर जीता भरोसा, फिर लिंक क्लिक कराकर उड़ाए 80 हजार; सिटी कोतवाली में मामला दर्ज

WhatsAppFacebookX

मध्य प्रदेश के गुना जिले में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी का एक नया और बेहद शातिर तरीका अपनाया है। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली त्रिमूर्ति कॉलोनी में रहने वाली एक युवती को घर बैठे काम यानी वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) का झांसा देकर 80 हजार रुपये की ऑनलाइन चपत लगा दी गई है। इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए पहले उसके बैंक खाते में 3,690 रुपये की राशि ट्रांसफर की थी। इसके बाद जब युवती का विश्वास हासिल हो गया, तो उन्होंने उसे एक लिंक क्लिक करने के लिए प्रेरित किया, जिसके माध्यम से उसके खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिए गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्रिमूर्ति कॉलोनी निवासी पीड़ित युवती को हाल ही में ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का प्रस्ताव मिला था। वर्तमान समय में जब कई लोग घर बैठे अतिरिक्त आय के स्रोत तलाश रहे हैं, ऐसे में साइबर ठगों ने इसी जरूरत का फायदा उठाया। ठगों ने युवती से संपर्क कर उसे वर्क फ्रॉम होम का लालच दिया। शुरुआत में युवती को यह प्रस्ताव सामान्य लगा, लेकिन ठगों ने अपनी योजना को अमल में लाने के लिए एक सोची-समझी रणनीति अपनाई।

ठगों ने पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए जो तरीका अपनाया, वह आम तौर पर देखी जाने वाली साइबर ठगी से काफी अलग था। आमतौर पर ठग सीधे पैसे मांगते हैं या कोई फर्जी लिंक भेजते हैं, लेकिन इस मामले में आरोपियों ने पहले युवती के खाते में 3,690 रुपये की राशि भेजी। जब युवती के बैंक खाते में यह राशि जमा हो गई, तो उसे लगा कि वास्तव में यह कोई वैध नौकरी का अवसर है और कंपनी द्वारा काम के बदले या प्रोत्साहन के रूप में यह राशि दी जा रही है। इस छोटी सी रकम ने युवती के मन से संदेह को दूर कर दिया और वह ठगों के जाल में पूरी तरह फंस गई।

भरोसा जीतने के बाद ठगों ने अगले चरण में युवती को एक लिंक भेजा और उसे क्लिक करने के लिए कहा। जैसे ही युवती ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसकी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी ठगों तक पहुंच गई। इसके तुरंत बाद, बिना किसी ओटीपी (OTP) या स्पष्ट अनुमति के, उसके बैंक खाते से 80 हजार रुपये की बड़ी रकम निकाल ली गई। जब युवती को अपने खाते से इतनी बड़ी रकम कटने की जानकारी मिली, तो उसके होश उड़ गए। उसे तब एहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है।

इस घटना के बाद पीड़ित युवती ने तुरंत सिटी कोतवाली थाने का रुख किया और पुलिस को पूरी घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी। युवती ने पुलिस को बताया कि किस प्रकार उसे पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर मिला, कैसे पहले उसके खाते में पैसे आए और फिर लिंक क्लिक करने के बाद उसके 80 हजार रुपये कैसे उड़ा लिए गए। सिटी कोतवाली पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा साइबर सेल की मदद से उन मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और लिंक्स की ट्रैकिंग की जा रही है, जिनका उपयोग इस ठगी में किया गया है। हालांकि, अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन ठगी के ऐसे मामलों में आरोपियों तक पहुंचना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि वे अक्सर दूसरे राज्यों या फर्जी पहचान का उपयोग करते हैं।

यह घटना गुना जिले और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते साइबर अपराधों की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ठग अब पुराने तरीकों के बजाय नई रणनीतियां अपना रहे हैं। पहले पैसे भेजकर भरोसा जीतने का यह तरीका साइबर अपराधियों की नई चाल है, जिसे ‘पिग बुचरिंग’ या भरोसे पर आधारित ठगी के रूप में भी देखा जा सकता है। लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी वैध कंपनी नौकरी देने से पहले उम्मीदवार के खाते में इस प्रकार पैसा नहीं भेजती है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से आने वाले अनजान नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें, चाहे वह व्यक्ति कितना भी विश्वसनीय क्यों न लग रहा हो। यदि कोई व्यक्ति आपके खाते में अचानक पैसे भेजता है और फिर किसी लिंक पर क्लिक करने या किसी ऐप को डाउनलोड करने का दबाव बनाता है, तो इसे तुरंत साइबर ठगी का संकेत मानें।

इसके अलावा, पुलिस ने सलाह दी है कि यदि किसी के साथ इस प्रकार की ठगी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतनी ही जल्दी पैसे को फ्रीज करने और वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है। गुना के त्रिमूर्ति कॉलोनी में हुई यह घटना अन्य नागरिकों के लिए एक चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। सिटी कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।