Wed, 07 Oct 20263:08 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 3:08 PM IST
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गुरदासपुर: धान खरीद में कटौती और देरी के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन, कलानौर-बटाला मार्ग चार घंटे रहा जाम

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गुरदासपुर। पंजाब के गुरदासपुर जिले में धान की खरीद प्रक्रिया में हो रही देरी और शैलर मालिकों द्वारा मनमाने ढंग से की जा रही कटौती (कट) के खिलाफ मंगलवार को किसानों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। कलानौर अनाज मंडी में खरीद संबंधी समस्याओं से त्रस्त सैकड़ों किसानों ने विभिन्न किसान संगठनों के बैनर तले एकजुट होकर कलानौर-बटाला मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस उग्र प्रदर्शन के कारण लगभग चार घंटे तक यातायात पूरी तरह से ठप रहा, जिससे स्कूली बसें, एंबुलेंस और अन्य वाहन सड़क पर फंस गए। स्थिति तभी सामान्य हुई जब उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) ने मौके पर पहुंचकर किसानों की मांगों को लेकर भरोसा दिलाया।

मंगलवार सुबह से ही कलानौर अनाज मंडी में किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। किसानों का आरोप था कि मंडी में धान की खरीद में भारी देरी हो रही है और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा, शैलर मालिकों द्वारा धान की नमी और अन्य तकनीकी आधारों पर मनमाने ढंग से कटौती की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी मेहनत की उचित कीमत नहीं मिल पा रही है। इन समस्याओं को लेकर जब प्रशासन से कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो किसानों ने दोपहर के समय कलानौर-बटाला रोड पर धरना देकर रास्ता जाम कर दिया।

किसानों के इस अचानक और उग्र प्रदर्शन ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं। कलानौर-बटाला मार्ग एक व्यस्त राजमार्ग है, जिसके जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रिपोर्टों के अनुसार, यह जाम लगभग चार घंटे तक बना रहा। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई जो आपातकालीन सेवाओं या समयबद्ध यात्राओं पर थे। सड़क पर फंसी स्कूली बसों में बैठे बच्चों और शिक्षकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की नौबत बन गई। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने किसानों से रास्ता खोलने की अपील की, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।

प्रदर्शनकारी किसान हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। उनका कहना था कि सरकार ने धान खरीद की सुचारू व्यवस्था करने के दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। किसान संगठनों के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि खरीद में देरी और अवैध कटौती पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी उपज की निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद और शैलरों की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) बटाला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। एसडीएम ने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि धान खरीद में तेजी लाई जाएगी और शैलरों द्वारा की जा रही अनियमित कटौती की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से दिए गए इस भरोसे के बाद ही किसानों ने अपना धरना समाप्त किया और चार घंटे बाद सड़क से अवरोध हटाए। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।

हालांकि, किसानों ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन केवल एक चेतावनी थी। यदि आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों पर अमल नहीं हुआ और मंडियों में स्थिति में सुधार नहीं देखा गया, तो वे फिर से सड़क जाम करने सहित कड़े कदम उठाने को बाध्य होंगे। गुरदासपुर जिले में धान खरीद को लेकर किसानों की यह नाराजगी ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे पंजाब में खरीद सीजन चल रहा है। प्रशासन के लिए अब यह चुनौती है कि वह किसानों के विश्वास को बहाल करे और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी व समयबद्ध बनाए, ताकि भविष्य में इस तरह के जनजीवन को प्रभावित करने वाले विरोध प्रदर्शनों की नौबत न आए। कलानौर-बटाला मार्ग पर हुए इस जाम ने यह संकेत स्पष्ट कर दिया है कि किसानों का सब्र अब जवाब देने लगा है और खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग अब और अधिक मुखर हो चुकी है।