Mon, 05 Oct 20268:47 PM
Mon, Oct 5, 2026Updated 8:47 PM IST
होम › बिहार

गया में एलपीजी वितरकों का आंदोलन तेज: 7 सूत्री मांगों को लेकर कमीशन और ई-केवाईसी शुल्क बढ़ाने की मांग, 26 अक्टूबर को दिल्ली में धरने की घोषणा

WhatsAppFacebookX

बिहार के गया जिले से एलपीजी वितरकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) की ओर से सोमवार को गया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार प्रसाद ने उपस्थित पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए एलपीजी वितरकों की सात सूत्री मांगों को विस्तार से रखा। इन मांगों में मुख्य रूप से एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर मिलने वाले कमीशन में वृद्धि करने और उपभोक्ताओं के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए किए जाने वाले ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) के शुल्क में बढ़ोतरी करने की बात शामिल है। वितरकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जाकर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

सोमवार को आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में एलपीजी वितरकों को जिस प्रकार की आर्थिक और परिचालन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, उसे देखते हुए यह आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गई है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति, भंडारण और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने में वितरकों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके बावजूद उन्हें जो कमीशन दिया जा रहा है, वह पिछले कई वर्षों से अपर्याप्त बना हुआ है। बढ़ती हुई महंगाई, परिवहन लागत, गोदाम के रखरखाव का खर्च और कर्मचारियों के वेतन में लगातार हो रही वृद्धि के कारण वितरकों के लिए अपने व्यवसाय का संचालन करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। ऐसे में कमीशन में तत्काल और उचित बढ़ोतरी करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

अनिल कुमार प्रसाद ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ई-केवाईसी शुल्क के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सरकार और तेल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के खातों को आधार और अन्य जरूरी दस्तावेजों से जोड़ने तथा उनके सत्यापन की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। इस ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया का भार और जिम्मेदारी सीधे तौर पर स्थानीय एलपीजी वितरकों पर ही डाल दी गई है। इस कार्य को पूरा करने में वितरकों को अतिरिक्त जनशक्ति नियुक्त करनी पड़ती है, तकनीकी उपकरणों का उपयोग करना पड़ता है और काफी समय भी खर्च करना पड़ता है। हालांकि, इस श्रमसाध्य और समय लेने वाले काम के बदले में वितरकों को जो ई-केवाईसी शुल्क दिया जा रहा है, वह उनके द्वारा किए गए वास्तविक खर्च की तुलना में बहुत कम है। इसलिए एसोसिएशन ने मांग की है कि ई-केवाईसी शुल्क को भी बढ़ाकर व्यावहारिक और उचित स्तर पर लाया जाए, ताकि वितरकों को इस अतिरिक्त कार्यभार के लिए सही मुआवजा मिल सके।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष ने कुल सात सूत्री मांगों का उल्लेख किया, जो एलपीजी वितरकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन मांगों को लेकर एसोसिएशन पहले भी संबंधित अधिकारियों और तेल कंपनियों के समक्ष अपना पक्ष रख चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस और संतोषजनक समाधान निकलकर सामने नहीं आया है। इसी निराशा और लंबित मांगों के कारण गया के एलपीजी वितरकों ने अब अपना आंदोलन और तेज करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने यह स्पष्ट किया है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा, लेकिन अपनी मांगों को लेकर वे किसी भी प्रकार का समझौता करने को तैयार नहीं हैं।

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) ने 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने की औपचारिक घोषणा की है। अनिल कुमार प्रसाद ने बताया कि गया जिले सहित देश भर के अन्य हिस्सों से भी बड़ी संख्या में एलपीजी वितरक इस दिल्ली धरने में शामिल होने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। वितरकों का मानना है कि जब तक केंद्र सरकार, पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित तेल विपणन कंपनियां उनकी इन सात सूत्री मांगों पर गंभीरता से विचार करके उन्हें लिखित रूप में स्वीकार नहीं करतीं, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। दिल्ली में दिए जाने वाले इस धरने का मुख्य उद्देश्य नीति निर्धारकों और उच्च अधिकारियों का ध्यान एलपीजी वितरकों की वास्तविक और जायज समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।

गया में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि एलपीजी वितरकों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर सड़कों पर उतरने को पूरी तरह तैयार हैं। कमीशन और ई-केवाईसी शुल्क में बढ़ोतरी की मांग केवल गया जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लाखों एलपीजी वितरकों की साझा और गंभीर समस्या है। यदि 26 अक्टूबर से पहले इन मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो दिल्ली में होने वाला यह धरना-प्रदर्शन एलपीजी वितरण प्रणाली के लिए एक बड़ा आंदोलन साबित हो सकता है। फिलहाल, एसोसिएशन ने अपनी सभी सात मांगों को लेकर सरकार और तेल कंपनियों से जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने और समाधान निकालने की अपील की है, ताकि वितरकों को दिल्ली तक जाने की नौबत न आए और उपभोक्ताओं की गैस आपूर्ति सेवाएं बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलती रहें।