[ad_1]
शिमला के सर्कुलर रोड पर बारिश में दौड़ती गाड़ियां।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में मंगलवार रात को भारी बारिश हुई। मंडी जिला के सुंदरनगर के मुरारी देवी में सबसे ज्यादा 63 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कांगड़ा, बिलासपुर, मंडी, सोलन और शिमला में भी बारिश हुई है। शिमला में सुबह से ही बाद बादल और घना कोहरा छ
.
हालांकि, मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में धूप खिलने का पूर्वानुमान लगाया था। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। पहाड़ों पर इससे अगले 3 दिन बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए अगले 72 घंटे के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश में इस मानसून सीजन (1 जून से 10 सितंबर) के बीच 380 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 76 लोगों की जान बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड से गई है, जबकि 40 लोग लापता हैं। प्रशासन के अनुसार, अब लापता लोगों के जिंदा होने के कम ही आसार हैं।

45 जगह बादल फटे
प्रदेश में इस बार बड़े लैंडस्लाइड की 137 घटनाएं, 97 फ्लैश फ्लड और 45 बादल फटने की घटनाओं से जान और माल दोनों को बड़ा नुकसान हुआ है। इससे मानसून सीजन में 4306 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है।
4 NH समेत 582 सड़कें बंद
प्रदेश में बीते दिनों की बारिश से चार नेशनल हाईवे समेत 582 सड़कें बंद पड़ी है। इनमें अधिकांश सड़कें पिछले 15 दिन से अवरुद्ध है। इस सीजन में सामान्य से 43 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। कुल्लू में नॉर्मल से 113 प्रतिशत और शिमला में सामान्य से 107 प्रतिशत अधिक बादल बरसे है। यही भारी बारिश तबाही का कारण है।
[ad_2]
Source link















