रांची।राजधानी रांची में मेट्रो ट्रेन चलने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ गया है। झारखंड सरकार की मांग पर केंद्र सरकार रांची को मेट्रो ट्रेन परियोजना देने पर सहमत हो गई है। इसके लिए केंद्र ने राज्य सरकार से कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) भेजने को कहा है।
सीएमपी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करते हुए नगर विकास विभाग ट्रांजिट कॉरिडोर की रूपरेखा बनाने में जुट गया है। इस कार्य के लिए झारखंड अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (जुडको) द्वारा सर्वे की तैयारी की जा रही है। सर्वे के बाद अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (एएआर) और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
जुडको ने कंसल्टेंट के चयन के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया है, जिसका बिड 7 जनवरी को खुलेगा। चयनित कंसल्टेंट को तीन माह के भीतर रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
राज्य सरकार अगले 50 वर्षों में राजधानी की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए डीपीआर तैयार कराएगी, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा सके। प्रस्तावित योजना के अनुसार मेट्रो लाइन मेन रोड, डोरंडा, हिनू, एयरपोर्ट, धुर्वा, स्मार्ट सिटी, ग्रेटर रांची (हाईकोर्ट, विधानसभा, विधायक आवास) होते हुए रिंग रोड के चारों ओर चलेगी। साथ ही इसे औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने की भी योजना है।
डीपीआर तैयार होने के बाद सरकार यह तय करेगी कि मेट्रो परियोजना कितने चरणों में पूरी होगी और इस पर कुल कितनी लागत आएगी। इसके बाद अंतिम प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मेट्रो परियोजना के लागू होने से राजधानी की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।















