धनबाद: अमावस्या के अवसर पर धनबाद स्थित पथराकुली के ऐतिहासिक मां भवतारिणी काली मंदिर में मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पिछले करीब 50 वर्षों से यहां बंगाली रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा-अर्चना होती आ रही है, जिसे देखने और हिस्सा लेने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
मंदिर के पुजारी तरुण गोस्वामी (बापी दा) ने बताया कि हर ज्येष्ठ महीने में हरिणी काली पूजा के तहत मां की नई प्रतिमा स्थापित की जाती है और पूरे वर्ष प्रतिदिन नियमित रूप से पूजा की जाती है। इसके साथ ही हर अमावस्या को विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।आज की अमावस्या पूजा में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रही। पूजा के बाद गांववासियों और श्रद्धालुओं के बीच मां का प्रसाद वितरित किया गया। पुजारी ने बताया कि मां की वर्तमान मूर्ति पुराना बाजार काली मंदिर के मूर्तिकार मधु दा द्वारा बनाई गई थी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि मां भवतारिणी की पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुबह से ही मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्था की गई थी।पथराकुली काली मंदिर की यह परंपरा अब लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुकी है, जो हर अमावस्या को धर्म, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का संगम प्रस्तुत करती है।















