IIT बॉम्बे में छात्र साहिल की आत्महत्या के बाद बड़ा फैसला: कैंपस और हॉस्टल से हटाए जाएंगे सभी सीलिंग फैन, वॉल-माउंटेड फैन लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शुमार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने अपने कैंपस और हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है। संस्थान के एक छात्र साहिल द्वारा की गई आत्महत्या के दुखद मामले के बाद IIT बॉम्बे प्रशासन ने कैंपस के सभी हॉस्टलों और अन्य उपयोगी स्थानों से सीलिंग फैन हटाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। इन सीलिंग फैन की जगह पर अब दीवारों पर लगने वाले वॉल-माउंटेड फैन स्थापित किए जाएंगे। यह कदम भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वंदे भारत न्यूज़ को प्राप्त जानकारी के अनुसार, IIT बॉम्बे प्रशासन ने छात्र साहिल की आत्महत्या के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। इस दर्दनाक घटना के तुरंत बाद संस्थान के अधिकारियों ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इसी समीक्षा के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि कैंपस में मौजूद सभी हॉस्टलों के कमरों और अन्य सार्वजनिक या उपयोगी स्थानों से सीलिंग फैन हटा दिए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि सीलिंग फैन तक पहुंच बनाना ऐसी घटनाओं में एक जोखिम कारक साबित हो सकता है, इसलिए इन्हें हटाकर उनकी जगह वॉल-माउंटेड फैन लगाए जा रहे हैं। यह बदलाव केवल छात्रों के रहने वाले कमरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कैंपस के उन सभी स्थानों पर लागू किया जाएगा जहां छात्रों और संस्थान से जुड़े लोगों का नियमित आना-जाना होता है।
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में छात्र साहिल की आत्महत्या का मामला है, जिसने पूरे संस्थान और शैक्षणिक जगत को झकझोर कर रख दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, साहिल ने अपनी जान दे दी थी। इस घटना की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की मदद ली गई है। सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुए दृश्यों के अनुसार, साहिल को आखिरी बार परीक्षा हॉल से निकलकर अपने हॉस्टल की तरफ जाते हुए देखा गया था। यह फुटेज घटना की टाइमलाइन को समझने और उसकी अंतिम गतिविधियों का पता लगाने में जांच एजेंसियों और संस्थान प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ है। परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक का यह सफर ही उनकी आखिरी देखी गई गतिविधि थी, जिसके बाद यह दुखद घटना सामने आई।
IIT बॉम्बे जैसे शीर्ष संस्थानों में छात्रों पर पढ़ाई और प्रतियोगिता का काफी दबाव रहता है। ऐसे में जब इस प्रकार की कोई घटना सामने आती है, तो संस्थान प्रशासन पर सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुधार करने की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। सीलिंग फैन को हटाकर वॉल-माउंटेड फैन लगाने का यह फैसला संस्थान द्वारा उठाया गया एक ठोस भौतिक सुरक्षा उपाय है। वॉल-माउंटेड फैन ऊंचाई पर छत से लटकने वाले फैन की तुलना में कम जोखिमपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि इन तक पहुंच बनाना अपेक्षाकृत कठिन होता है और ये कमरे की छत को बाधा मुक्त रखते हैं।
प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। सबसे पहले हॉस्टलों के कमरों में यह बदलाव किया जा रहा है ताकि छात्रों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। इसके साथ ही कैंपस के अन्य उपयोगी स्थानों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। संस्थान के अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि फैन बदलने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान छात्रों को गर्मी या असुविधा का सामना न करना पड़े। पुराने सीलिंग फैन को हटाने और नए वॉल-माउंटेड फैन को स्थापित करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
साहिल के मामले में सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हुआ है कि वह परीक्षा देकर सीधे अपने हॉस्टल लौटा था। परीक्षा का समय छात्रों के लिए मानसिक तनाव का दौर होता है और ऐसे में उनके व्यवहार पर नजर रखना संस्थानों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, सीलिंग फैन हटाने का यह कदम भौतिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक स्पष्ट पहल है। संस्थान ने अभी तक यह विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है कि यह पूरी प्रक्रिया कब तक पूर्ण रूप से संपन्न हो जाएगी, लेकिन काम शुरू कर दिया गया है।
देश भर के अन्य तकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों की निगाहें भी अब IIT बॉम्बे के इस फैसले पर टिकी हुई हैं। छात्रों की सुरक्षा को लेकर उठाए गए इस कदम को एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। साहिल की आत्महत्या के बाद जहां एक ओर छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है, वहीं दूसरी ओर संस्थान प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभाव से भौतिक बदलाव किए जाने को सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है। IIT बॉम्बे प्रशासन का यह निर्णय दर्शाता है कि वे छात्रों की जानमाल की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग हैं और भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। कैंपस के सभी हॉस्टलों में वॉल-माउंटेड फैन की स्थापना पूरी होने के बाद सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ा बदलाव होगा।

