धनबाद। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के भौतिकी विभाग में बुधवार, 27 नवंबर 2025 को सेंटेनरी लेक्चर का आयोजन किया गया। गोल्डन जुबली लेक्चर थिएटर (GJLT) में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, शोधार्थी और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। लेक्चर का विषय था— “दैनिक जीवन में विज्ञान और टेक्नोलॉजी का महत्व”, जिसे भारतीय विज्ञान जगत के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शांति स्वरूप भटनागर युवा पुरस्कार 2025 प्राप्तकर्ता प्रो. अमित कुमार अग्रवाल, भौतिकी विभाग, आईआईटी कानपुर, ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संयोजक प्रो. आर. थंगावेल के स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि सेंटेनरी लेक्चर युवा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विभागाध्यक्ष प्रो. वी. के. राय ने विभाग के सेंटेनरी वर्ष को विशेष बताते हुए कहा कि यह लेक्चर छात्रों को प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के साथ संवाद का अवसर प्रदान करते हैं।
मुख्य अतिथि प्रो. धीरज कुमार, उपनिदेशक, ने भौतिकी विभाग की पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में शोध और नवाचार की प्रेरणा जगाते हैं।अपने मुख्य व्याख्यान में प्रो. अग्रवाल ने विज्ञान और तकनीक के रोजमर्रा जीवन पर प्रभाव को सरल, आकर्षक और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि ऊर्जा, संचार, परिवहन, चिकित्सा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और पर्यावरण सहित जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विज्ञान मानव समाज को आगे बढ़ाता है। उन्होंने छात्रों से जिज्ञासा बनाए रखने, प्रश्न पूछते रहने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का आह्वान किया।
लेक्चर के बाद प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जिसमें छात्रों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे। प्रो. अग्रवाल ने सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दिए।कार्यक्रम के साथ ही केन्द्रीय विद्यालय, धनबाद के छात्रों ने भौतिकी विभाग की प्रयोगशालाओं का भ्रमण भी किया। यह भ्रमण विभाग की सेंटेनरी आउटरीच गतिविधियों का हिस्सा था, जिसमें छात्रों ने विभिन्न प्रयोग, उपकरणों और शोध प्रक्रियाओं को निकट से समझा।कार्यक्रम धन्यवाद ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ। सेंटेनरी लेक्चर सीरीज़ का यह सत्र विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।















