Wed, 07 Oct 202612:48 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 12:48 PM IST
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इंदौर: पतंजलि फूड्स ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ का मानहानि केस लिया वापस, बाबा रामदेव और पूर्व सांसद का विवाद खत्म

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वंदे भारत न्यूज़, इंदौर। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहा कानूनी विवाद अब समाप्त हो गया है। पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने इंदौर हाई कोर्ट में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दायर किए गए 50 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे को वापस ले लिया है। इस मामले की सुनवाई इंदौर हाई कोर्ट में चल रही थी और अब कंपनी द्वारा केस वापस लिए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच का यह विवाद औपचारिक रूप से खत्म हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद घी को लेकर दिए गए एक बयान से शुरू हुआ था। बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि के उत्पादों, विशेषकर घी को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इन टिप्पणियों को कंपनी की छवि और व्यापारिक प्रतिष्ठा के लिए हानिकारक मानते हुए पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया था। इसके तहत कंपनी ने इंदौर हाई कोर्ट का रुख किया और बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया था।

पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से दावा किया गया था कि पूर्व सांसद द्वारा दी गई बयानबाजी से कंपनी की साख को भारी नुकसान पहुंचा है। घी जैसे दैनिक उपभोग के उत्पाद को लेकर लगाए गए आरोपों या दी गई टिप्पणियों का सीधा असर उपभोक्ताओं के विश्वास पर पड़ता है, इसलिए कंपनी ने इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत में मानहानि का मामला दर्ज कराया था। यह केस मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित हाई कोर्ट में विचाराधीन था, जहां दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही थीं।

बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद रहे हैं और राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं। दूसरी ओर, बाबा रामदेव द्वारा स्थापित पतंजलि समूह देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों में शुमार है, जिसका खाद्य उत्पादों, आयुर्वेदिक दवाइयों और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं में बड़ा कारोबार है। ऐसे में किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति द्वारा कंपनी के उत्पादों पर की गई टिप्पणी को कंपनी अपने ब्रांड मूल्य के लिए चुनौती मानती है, यही कारण था कि इस विवाद को अदालती स्तर तक ले जाया गया था।

हालांकि, अब पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने इंदौर हाई कोर्ट में चल रहे इस 50 करोड़ रुपये के मानहानि केस को वापस लेने का फैसला किया है। स्रोत के अनुसार, कंपनी द्वारा केस वापस लिए जाने के बाद बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहा यह विवाद अब खत्म हो गया है। केस वापस लेने के पीछे कंपनी की क्या रणनीति रही या दोनों पक्षों के बीच कोई आपसी सहमति बनी है, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। स्रोत में केवल इतना ही स्पष्ट किया गया है कि पतंजलि ने अपना केस वापस ले लिया है और विवाद समाप्त हो गया है।

यह पहला मौका नहीं है जब पतंजलि या बाबा रामदेव ने अपने उत्पादों की गुणवत्ता या कंपनी की छवि को लेकर उठे सवालों पर कानूनी कदम उठाए हों। अतीत में भी पतंजलि समूह ने अपने खिलाफ भ्रामक बयानबाजी या मानहानिपूर्ण टिप्पणियों को लेकर कई बार अदालतों का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी हमेशा से यह दावा करती रही है कि उसके सभी उत्पाद निर्धारित मानकों और गुणवत्ता मापदंडों के अनुरूप तैयार किए जाते हैं।

इंदौर हाई कोर्ट में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ था क्योंकि इसमें एक ओर देश का बड़ा कॉर्पोरेट समूह था और दूसरी ओर एक पूर्व सांसद। 50 करोड़ रुपये की मानहानि राशि भी इस केस को बेहद संवेदनशील और बड़ा बनाती थी। लेकिन अब पतंजलि फूड्स लिमिटेड द्वारा केस वापस लिए जाने के बाद अदालती कार्यवाही का यह अध्याय समाप्त हो गया है।

इस पूरे प्रकरण में यह बात ध्यान देने योग्य है कि विवाद की शुरुआत घी को लेकर दिए गए एक बयान से हुई थी, जो बाद में 50 करोड़ रुपये के मानहानि केस में बदल गया। हालांकि, अंततः कंपनी ने इसे वापस लेकर मामले को सुलझाने का मार्ग चुना है। वंदे भारत न्यूज़ इस संबंध में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही यह रिपोर्ट प्रकाशित कर रहा है। केस वापस लेने के सटीक कारणों या दोनों पक्षों के बीच हुई किसी भी संभावित बातचीत की पुष्टि स्रोत में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती है। फिलहाल, इंदौर हाई कोर्ट में यह मामला निपट गया है और दोनों पक्षों के बीच का यह कानूनी विवाद अब समाप्त माना जा रहा है।