Thu, 08 Oct 202610:02 AM
Thu, Oct 8, 2026Updated 10:02 AM IST
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इंदौर: सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के बीच सड़कों पर कचरा फैलाने का मामला तूल पकड़ा, महापौर ने कांग्रेस पर साधा निशाना; कहा- शहर की छवि खराब करने की हो रही है योजनाबद्ध साजिश

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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में सफाई कर्मचारियों के चल रहे प्रदर्शन के बीच शहर की सड़कों पर कचरा फैलने और जमा होने के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है और यह विवाद तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार इंदौर की पहचान को लेकर उठे इस विवाद पर नगर निगम के महापौर ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिस तरह से योजनाबद्ध तरीके से इंदौर की छवि को धूमिल करने के लिए सड़कों पर कचरा फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह से निंदनीय है। महापौर ने इस पूरे मामले के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि विपक्षी दल जानबूझकर शहर की शांति और व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है।

दरअसल, इंदौर में पिछले कुछ समय से सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार और आंदोलन के कारण शहर के कई हिस्सों में नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिसके चलते सड़कों, चौराहों और मोहल्लों में कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। इंदौर जैसे शहर के लिए, जो अपने स्वच्छता अभियान और साफ-सुथरे वातावरण के लिए पूरे देश और दुनिया में एक मिसाल माना जाता है, सड़कों पर कचरा बिखरा होना एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। इसी परिस्थिति का लाभ उठाते हुए राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इंदौर के महापौर ने एक बयान जारी कर कहा कि सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन का मुद्दा प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जा रहा है, लेकिन कुछ राजनीतिक ताकतें इस वैध और सामान्य प्रक्रिया को एक बड़े विवाद का रूप देने में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से अचानक और एक साथ कई जगहों पर सड़कों पर कचरा फैलाया गया है, वह कोई संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। महापौर ने इसे इंदौर की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी स्वच्छता की छवि को नुकसान पहुंचाने का एक सुनियोजित प्रयास बताया है।

महापौर ने अपने बयान में विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी पर हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस भ्रम की गंदगी फैलाने का काम कर रही है। उनका कहना था कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर पड़े असली कचरे के बहाने जनता के बीच भ्रम का एक ऐसा वातावरण तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली और वर्तमान प्रशासन पर लोगों का विश्वास डगमगा जाए। महापौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शहर के नागरिकों को गुमराह कर रही है और उन्हें भड़काने का कार्य कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि नगर निगम प्रशासन सफाई व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।

इंदौर की स्वच्छता यात्रा किसी से छिपी नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में इंदौर ने लगातार कई वर्षों तक देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब अपने नाम किया है। शहर की इस उपलब्धि के पीछे नगर निगम की नीतियों के साथ-साथ यहां के करोड़ों नागरिकों और हजारों सफाई कर्मचारियों का अथक परिश्रम शामिल है। ऐसे में जब सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण शहर की सड़कों पर कचरा दिखा, तो यह न केवल प्रशासन के लिए बल्कि आम इंदौरियों के लिए भी एक बेहद संवेदनशील विषय बन गया। महापौर ने इस बात पर जोर दिया कि इंदौर के नागरिक अपनी शहर की स्वच्छता को लेकर बहुत सजग हैं और वे किसी भी राजनीतिक दल द्वारा शहर की छवि खराब करने की साजिश को कभी सफल नहीं होने देंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफाई कर्मचारियों की जो भी जायज मांगें हैं, उन पर नगर निगम प्रशासन द्वारा विचार किया जा रहा है और वार्ता का दौर जारी है। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकालना प्रशासन की प्राथमिकता है, लेकिन इस प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देकर शहर की सड़कों को जानबूझकर गंदा करना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महापौर ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सभी आवश्यक वैकल्पिक कदम उठाए जा रहे हैं।

इस पूरे विवाद ने इंदौर की स्थानीय राजनीति को भी गर्मा दिया है। एक तरफ सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों और मांगों के लिए सड़कों पर हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। हालांकि, अभी तक कांग्रेस की ओर से महापौर द्वारा लगाए गए इन सीधे आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या खंडन सामने नहीं आया है। देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन क्या रुख लेता है और इंदौर की सड़कों से कचरा हटाने की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है। फिलहाल, महापौर के इस बयान के बाद यह तय है कि इंदौर की स्वच्छता का मुद्दा आने वाले समय में शहर की राजनीति का एक प्रमुख एजेंडा बना रहेगा।