INS Taragiri Commissioned | Lipulekh Pass Reopens for India-China Trade

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26 मिनट पहले

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जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…

नेशनल (NATIONAL)

1. INS तारागिरी नौसेना में कमीशन होगा

3 अप्रैल को सुपरसोनिक मिसाइलों और आधुनिक हथियारों से लैस स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS ‘तारागिरी F41’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने 21 मार्च को इसकी जानकारी दी। तारागिरी ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है।

  • INS तारागिरी को विशाखापत्तनम में एक समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में शामिल किया जाएगा।
  • INS तारागिरी, पूरी तरह से आत्मनिर्भर नौसैनिक युद्धपोत फ्रिगेट यानी एक मध्यम आकार का, तेज गति और बहुत ज्यादा फुर्तीवाला युद्धपोत (नौसेना का जहाज) है।
  • फ्रिगेट का मुख्य काम समुद्र में गश्त करना, बड़े जहाजों की सुरक्षा करना, पनडुब्बियों को नष्ट करना और हवाई हमले से रक्षा करना होता है।
  • INS तारागिरी प्रोजेक्ट-17A मेक इन इंडिया का हिस्सा है और ये नीलगिरि क्लास का चौथा जहाज है।
  • INS तारागिरी को मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड (MDL) ने बनाया है।
  • INS तारागिरी एक हाईस्पीड, मल्टी डाइमेंशल मैरिटाइम कंबाइंड डीजल या गैस (CODOG) से ऑपरेट होने वाला युद्धपोत है।
  • INS तारागिरी सतह से सतह, सतह से हवा में वार करने वाला आधुनिक सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और मल्टी-फंक्शन डिजिटल रडार से लैस है।
  • INS तारागिरी प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी क्लास के युद्धपोतों में से एक है।
  • 17ए क्लास का पहला एडवांस स्टेल्थ फ्रिगेट INS नीलगिरी जनवरी 2025 में नौसेना में शामिल किया गया था।
  • मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लि. ने तीसरा जहाज, ‘तारागिरी’ (यार्ड 12653) 28 नवंबर 2025 में मुंबई में नौसेना को सौंपा था।
  • प्रोजेक्ट 17 और 17A के सभी फ्रिगेट के नाम भारत की पर्वत शृंखलाओं पर रखे गए हैं।
  • जैसे- शिवालिक, सह्याद्रि, सतपुड़ा, नीलगिरी, हिमगिरी, तारागिरी, उदयगिरी, दूनागिरी, महेंद्रगिरि और विंध्यगिरि।
  • साल 2026 की शुरुआत में एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ को भी नौसेना में शामिल किया गया था।
INS तारागिरी फ्रिगेट में हेलिकॉप्टर हैंगर भी हैं, जिसमें दो हेलिकॉप्टर आसानी से लैंड किए जा सकते हैं।

INS तारागिरी फ्रिगेट में हेलिकॉप्टर हैंगर भी हैं, जिसमें दो हेलिकॉप्टर आसानी से लैंड किए जा सकते हैं।

2. भारत-चीन के बीच व्यापार के लिए लिपुलेख पास दोबारा शुरू

22 मार्च को भारत सरकार ने भारत- चीन के बीच ट्रेड के लिए उपयोग किए जाने वाले उत्तराखंड के लिपुलेख पास को दोबारा खोलने को मंजूरी दी है।

  • विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिस्री ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को लिपुलेख पास से व्यापार करने की मंजूरी की ऑफिशियल NOC दी।
  • भारत-चीन के बीच 6 साल बाद दोबारा बॉर्डर ट्रेड शुरू होगा। लिपुलेख पास को इस साल जून-सितंबर सेशन के लिए खोला जाएगा।
  • कोविड-19 और साल 2020 में गलवान घाटी (लद्दाख) में हुई हिसंक झड़पों के बाद से अब तक लिपुलेख पास को बंद रखा गया था।
  • लिपुलेख से व्यापार को आसान बनाने के लिए कस्टम्स डिपार्टमेंट और धारचुला प्रशासन व्यापारियों के लिए एक ट्रेड पास जारी करेगा।
  • ट्रेड पास के साथ ही बैंकिंग सर्विसेस, कम्युनिकेशन, मेडिकल सर्विसेस और ट्रेडर्स की सुरक्षा के साथ ही ट्रांजिट कैंप्स बनाए जाएंगे।
  • 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद पहली बार लिपुलेख पास से होने वाला व्यापार और कैलाश मानसरोवर यात्रा दोनों पर पूरी तरह रोक लग गई थी।
  • 1991-92 में भारत-चीन के बीच समझौते के तहत सीमा व्यापार दोबारा शुरू किया गया। इसके बाद हर साल जून से सितंबर तक व्यापार चलता रहा।
  • लिपुलेख पास से अब तक ‘वस्तु विनिमय’ आधारित यानी सामान के बदले सामान का लेन-देने होता था।
  • 19 अगस्त 2025 में चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के दौरान भारत-चीन ने रुपए और युआन में ट्रेड करने का फैसला किया था।
  • अगस्त 2025 में भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग ई की ने एक हाई लेवल मीटिंग में लिपुलेख पास खोलने पर सहमति जताई थी।
  • पहली बार उत्तराखंड में धारचुला को लिपुलेख पास से जोड़ने वाले रोड की सुविधा भी मिलेगी। इसे सरकार ने 2020 में पूरा करवाया था।
पहले व्यापारी घोड़े-खच्चरों या पोर्टरों के जरिए सामान ढोकर तिब्बत की तकलाकोट मंडी तक पहुंचते थे, जिसमें काफी समय और मेहनत लगती थी।

पहले व्यापारी घोड़े-खच्चरों या पोर्टरों के जरिए सामान ढोकर तिब्बत की तकलाकोट मंडी तक पहुंचते थे, जिसमें काफी समय और मेहनत लगती थी।

3. पीएम नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय तक सरकार में रहने वाले नेता बने

22 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार में बने रहने वाले नेता बन गए हैं।

  • गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने 8,931 दिन का कार्यकाल पूरा किया है।
  • पीएम मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का 8,930 दिन का रिकॉर्ड तोड़ा है।
  • पीएम मोदी भारत के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे पीएम भी बन गए हैं।
  • पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 4077 दिनों (24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977) का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
  • 22 मार्च 2026 तक बतौर प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी 4318 पूरे कर चुके हैं। हालांकि अभी तक का सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के नाम ही है।
  • 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक यानी लगातार कुल 6126 दिन तक इस पद पर रहे। PM मोदी नेहरू के रिकॉर्ड से 1812 दिन पीछे हैं।

निधन (Death)

4. पूर्व FBI डायरेक्टर रॉबर्ट म्यूलर का निधन

21 मार्च को फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन यानी FBI के पूर्व डायरेक्टर रॉबर्ट म्यूलर का निधन हो गया। वे 81 साल के थे।

  • बीबीसी यूएस पार्टनर सीबीएस न्यूज ने म्यूलर की मौत की पुष्टि की।
  • राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 2001 में म्यूलर को FBI चीफ के लिए नॉमिनेट किया था।
  • साल 2001 में म्यूलर FBI डायरेक्टर अपॉइंट हुए थे और उनके अपॉइंटमेंट के एक हफ्ते बाद सितंबर 2001 में अमेरिका पर 9/11 टेरेरिस्ट अटैक हुआ था।
  • म्यूलर जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा दोनों के ही कार्यकाल में रहे। वे 2013 तक इस पद पर रहते हुए रिटायर हुए।
  • म्यूलर ने 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान उनके कैंपेन की जांच की थी और रूस के साथ ट्रम्प के रिश्तों पर एक रिपोर्ट भी जारी की थी।
  • म्यूलर ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। इसके बाद वे मरीन में शामिल हुए थे।
  • म्यूलर ने 1968 में वियतनाम युद्ध के दौरान सैनिक के तौर पर अपनी सेवाएं भी दीं।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने म्यूलर के निधन पर ट्रुथ सोशल पर लिखा- ‘मुझे खुशी है कि वह मर गया, अब वो बेकसूर लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।
म्यूलर को 2017 में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने स्पेशल काउंसिल अपॉइंट किया था।

म्यूलर को 2017 में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने स्पेशल काउंसिल अपॉइंट किया था।

5. कलाकार सुरिकुमेरु के.गोविंद भट्ट का निधन

20 मार्च को यक्षज्ञान गाने वाले कलाकार सुरिकुमेरु के.गोविंद भट्ट का निधन हो गया। वे 88 साल के थे।

  • गोविंद का जन्म दक्षिण कन्नड़ जिले के विटला कनीला गांव में हुआ था। उन्होंने 12 साल की उम्र में यक्षगान गाना शुरू कर दिया था।
  • यक्षगान कर्नाटक का एक पारंपरिक लोक नृत्य-नाट्य रूप है, जो मुख्य रूप से तटीय क्षेत्रों में लोकप्रिय है।
  • करीब 70 वर्षों तक यक्षगान से जुड़े रहने वाले भट्ट ने धर्मस्थल, मुल्की, कूड्लु, सुरथकल और इरा सोमनाथेश्वर जैसे कई घूमने वाले दलों (मेला) के साथ काम किया।
  • गोविंद ने कई मशहूर नाटक में कौरव, रक्तबीज, भीष्म, जरासंध, नरकासुर, ताम्राक्ष, देवेन्द्र, अर्जुन, हनुमान, विश्वामित्र, बाहुबली और इंद्रजीत जैसे कई प्रसिद्ध किरदार निभाए।
  • 2008 में गोविंद को कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार मिला। साथ ही कन्नड़ संस्कृति में योगदान के लिए कन्नड़ साहित्य परिषद पुरस्कार मिला।
  • गोविंद को 2016 में नाटक में योगदान देने के लिए केंद्र संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला था।
गोविंद ने यक्षगान के लिए कई कथाएं भी लिखी जिसमें मणिमेखले, कनकरेखे, सम्राट अशोक मशहूर हैं।

गोविंद ने यक्षगान के लिए कई कथाएं भी लिखी जिसमें मणिमेखले, कनकरेखे, सम्राट अशोक मशहूर हैं।

आज का इतिहास

23 मार्च

  • 1931 में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को लाहौर जेल में फांसी दी गई।
  • 1950 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की स्थापना हुई।
  • 2003 में भारत ने जमीन से जमीन पर वार करने वाली ‘अग्नि-1’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

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