Iran Ali Khamenei Assassination Protest Situation; S Jaishankar

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इजराइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद राजधानी तेहरान में ‘खून का बदला खून’ के नारे लग रहे हैं। तीसरे बड़े शहर इस्फहान में अमेरिका-इजराइल के विरोध में उतरे लोगों से सड़कें भरी हैं। जाजन और यसुज शहर में भ

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हमले के बाद से ही ईरान में इंटरनेट पूरी तरह काम नहीं कर रहा है। कम्युनिकेशन ठप है। सरकारी न्यूज चैनल से ही कोई जानकारी मिल रही है। दैनिक भास्कर ने ईरान के लोगों से बात की। उन्होंने हमें फोटो और वीडियो भेजे हैं, जिनसे वहां के हालात का पता चलता है। खामेनेई की मौत के बाद कराज शहर में लोग जश्न मनाते भी दिखे। इसका एक वीडियो सामने आया है। हमने इजराइल के हालात पर भारत में इजराइली राजदूत रुवेन अजार से भी बात की।

‘खामेनेई फरिश्ता थे, उनके लिए शहादत देंगे’ हमने तेहरान में रहने वाले एक सरकारी मुलाजिम महमूद से बात की। महमूद बदला हुआ नाम है, क्योंकि उन्होंने पहचान उजागर न करने की गुजारिश की थी। महमूद कहते हैं, ‘सुप्रीम लीडर की शहादत के बाद हमने ईरान में ऐसे नजारे देखे हैं, जो आज तक नहीं देखे।’

‘अमेरिका जैसे ताकतवर मुल्क के साथ जंग के बीच खामेनेई को आखिरी सलामी देने के लिए आए लोगों से सड़कें भर गईं। ईरान का हर बच्चा बदला लेने के लिए तैयार है।’

ईरान की राजधानी तेहरान में लोगों ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की याद में जुलूस निकाला। वे ईरान का झंडा और खामेनेई की फोटो लेकर मस्जिदों, चौराहों, बाजारों, गलियों और सड़कों में जुट रहे हैं।

ईरान की राजधानी तेहरान में लोगों ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की याद में जुलूस निकाला। वे ईरान का झंडा और खामेनेई की फोटो लेकर मस्जिदों, चौराहों, बाजारों, गलियों और सड़कों में जुट रहे हैं।

अमेरिका और इजराइल के फाइटर जेट्स ने तेहरान में खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलें दागी थीं। इस हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर मारे गए है। हमले के वक्त खामेनेई कमांडरों के साथ मीटिंग कर रहे थे।

‘तेहरान पर अब भी बरस रहीं मिसाइलें’ भारतीय मूल के अहमद अब्बास 15 साल से तेहरान में रह रहे हैं। हमारी बात होने से आधा घंटा पहले ही अहमद के घर के पास धमाके हुए थे। उनके मुताबिक, लोगों से कहा गया है कि आसपास धमाका होते ही घर से तुरंत बाहर निकलें और खुली जगह पर चले जाएं। दिन में कई दफा ऐसा करना पड़ता है।

अहमद बताते हैं, ‘वेस्टर्न और नॉर्दर्न तेहरान में लगातार हमले हो रहे हैं। आसपास के इलाकों से बहुत से लोग काम के लिए तेहरान आते हैं। अब सभी घर लौट गए हैं। तेहरान में आम दिनों के मुकाबले कम भीड़ है।’

खामेनेई की मौत के बाद निकले जुलूस में अहमद भी शरीक हुए थे। इस पर अहमद बताते हैं, ‘जुलूस में शरीक हुए लोगों में एक जज्बा साफ दिखा कि जंग को सही नतीजे तक पहुंचाना जरूरी है। बेशक अमेरिका सामने है। इजराइल की तो बहुत बड़ी हैसियत नहीं है। उन्हें इस हिमाकत का जवाब देना होगा।’

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद लोग उनकी फोटो लेकर सड़कों पर आ गए। इनमें शामिल महिलाएं बिलखती दिखीं।

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद लोग उनकी फोटो लेकर सड़कों पर आ गए। इनमें शामिल महिलाएं बिलखती दिखीं।

‘ईरान पर 28 फरवरी की सुबह हमला हुआ। हमने नहीं सोचा था कि ये सब इतनी जल्दी होगा। मुझे लग रहा है कि खामेनेई की शहादत से ईरान एक हो रहा है। ईरान के लोग खामेनेई के सपोर्ट में शहादत देने के नारे लगा रहे हैं। जंग में मजबूती से लड़ने के लिए खुद को दिमागी तौर पर तैयार कर रहे हैं।’

‘पहले हमें बताया गया कि सुप्रीम लीडर और उनके करीबी लोग ठीक हैं। देर रात टीवी से पता चला वे शहीद हो गए हैं। इसके बाद से ईरान में अटैक से भी बड़ी लहर उठी है।’

‘खामेनेई की मौत की खबर देर रात दी, ताकि लोग बाहर न निकलें’ खामेनेई की मौत की खबर ईरान के लोगों को रात करीब 3 बजे दी गई। ऐसा इसलिए किया, ताकि लोग तुरंत सड़कों पर न निकलें और उन्हें सदमा न लगे। इसके बावजूद खबर मिलते ही लोग सड़कों पर निकल आए। रोने-बिलखने लगे।

अहमद बताते हैं, ‘ईरान में लोगों का सुप्रीम लीडर से जज्बाती लगाव है। उनका विरोध करने वाले भी हैं, लेकिन ऐसे लोग बहुत कम हैं। लोगों के दिलों में खामेनेई के लिए बहुत इज्जत है। ईरान छोड़िए भारत और पाकिस्तान जैसे मुल्कों में भी उनके चाहने वाले बड़ी तादाद में हैं।’

ईरान अमेरिका के सहयोगी देशों से घिरा है, क्या उसे विदेशी मदद मिल रही है? अहमद जवाब देते हैं, कई मुल्क ईरान के साथ खड़े हैं। इराक से सपोर्ट मिला है। लेबनान किसी भी वक्त जंग में शामिल हो सकता है। यमन में भी हमारे पास ताकतें हैं, जो इस जंग में शामिल होंगी।’

ईरान की तरफ से बड़े मिसाइल हमले की तैयारी अहमद कहते हैं, ‘लोग चाहते हैं कि ईरान इतना जबरदस्त हमला करे कि दुश्मन झुकने के लिए मजबूर हो जाएं। जवाब ऐसा हो कि अगली बार हमला करने के पहले कोई भी हजार बार सोचे।’

हमने इस पर एक ईरानी अधिकारी से बात की। उनकी पहचान उजागर नहीं की जा सकती। अधिकारी ने बताया कि ईरान की सबसे बड़ी ताकत बैलेस्टिक मिसाइल हैं। हमारे पास मिसाइलों का जखीरा है। हम बड़े अटैक की तैयारी कर रहे हैं। इससे दुश्मन को चौंका देंगे। हमला कब होगा, ये वक्त बताएगा। फिलहाल हमारा टारगेट साफ है- अमेरिकी मिलिट्री बेस और इजराइल। बदला पूरा होने तक हम इन पर हमले करते रहेंगे।

इजराइली राजदूत बोले- हमले के बाद भारत को बताया था इजराइल ने सबसे पहले ईरान पर हमले किए थे। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमले में शामिल होने की पुष्टि की। ये इजराइल का ईरान पर एक साल में दूसरा हमला है। इस बार हमला भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के ठीक बाद हुआ है। क्या PM मोदी या भारतीय विदेश मंत्रालय को हमले के बारे में बताया गया था, इजराइल में जंग को लेकर क्या माहौल है? हमने ये सवाल भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार से पूछे।

सवाल: ईरान पर हमले का आखिरी मकसद क्या है? जवाब: सबसे पहले हम सामने दिख रहे खतरे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करना चाहते हैं। ईरान दशकों से मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा बैलेस्टिक मिसाइल की ताकत बढ़ाने के लिए काम कर रहा है, ताकि इजराइल को खत्म कर सके।

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ईरान पूरे रीजन में अपने प्रॉक्सी ग्रुप को फंड, हथियार और टेक्नोलॉजी दे रहा है। ईरान 2027 तक इजराइल को खत्म करना की बात करता था। जून में हमने उस पर हमले किए थे। ईरान ने अब सहयोग करने से इनकार किया, तो हमने फिर से ऑपरेशन शुरू किया है।

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सवाल: अगर ईरान में सरकार बदलती है, तो ये कैसी सरकार होगी? जवाब: हमें नहीं पता कि ईरान में सत्ता बदलेगी या नहीं, लेकिन हम चाहते हैं कि ये जरूर हो। कुछ हफ्ते पहले ही मौजूदा सरकार ने अपने हजारों नागरिकों को मार दिया था।

सवाल: ईरान पर हमला PM मोदी के इजराइल दौरे के ठीक बाद हुए हैं। क्या उन्हें हमले के बारे में बताया गया था? जवाब: भारत हमारी स्थिति अच्छी तरह जानता है। PM मोदी इजराइल में थे, तब हमें नहीं पता था कि ऑपरेशन होने वाला है। इसकी मंजूरी 28 फरवरी की सुबह दी गई। तब तक PM मोदी दौरा पूरा करके लौट चुके थे। इजराइल के विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को फोन करके बात की थी।

सवाल: विदेश मंत्री जयशंकर ने क्या कहा? जवाब: भारत ने अपनी स्थिति पर खुलकर बात की। भारत बातचीत और स्थिरता चाहता है। हमने कई साल ईरान से डिप्लोमेसी के तहत बातचीत की कोशिश की है। अमेरिका ने महसूस किया कि ईरान डिप्लोमेसी के जरिए वक्त बिता रहा है और शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं है।

सवाल: इस वक्त इजराइल में कैसा माहौल है? जवाब: इजराइल खुद को सुरक्षित रखना चाहता है। इजराइल पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से लगातार हमले हो रहे हैं। कई लोग खामेनेई की मौत पर खुशी मना रहे हैं, क्योंकि ईरान का सुप्रीम लीडर इजराइल पर हमले के ऑर्डर देता था, इजराइल के लोगों को मारता था, अब वो नहीं है। हमने ईरान में भी जश्न की फोटो देखी हैं। मुझे लगता है कि ईरान के लोग इस मौके के जरिए सत्ता बदलेंगे।

ईरान का जवाबी हमला, अमेरिका के तीन सैनिकों की मौत इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया। हमलों से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 लड़कियों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी 9 देशों पर हमले किए हैं।

पेंटागन ने 1 मार्च को बताया कि ईरान पर हमले के दौरान तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। 5 सैनिक घायल हैं। 28 फरवरी को शुरू हुई जंग के बाद पहली बार अमेरिकी सैनिकों के मरने की रिपोर्ट आई है।

उधर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि सेना ने अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा से कहा कि ईरानी मिसाइल विमानवाहक पोत तक नहीं पहुंची। जहाज को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्टेट टीवी पर वीडियो मैसेज जारी किया है। उन्होंने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर दुख जताया। साथ ही कहा कि अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने काम शुरू कर दिया है। पेजेश्कियान भी तीन सदस्यों वाली अंतरिम समिति में हैं।

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद की मौत ईरान की लेबर न्यूज एजेंसी ने पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत का दावा किया है। उनकी मौत एक मार्च को एयरस्ट्राइक में हुई। एजेंसी ने दावा किया कि इजराइल-अमेरिका की संयुक्त एयरस्ट्राइक में तेहरान के उत्तर-पूर्वी इलाके नारनाक में उनके घर को निशाना बनाया गया। अहमदीनेजाद 2005 से 2013 तक ईरान के राष्ट्रपति रहे थे।

ईरान के हमलों से UAE में 3 की मौत, एक भारतीय भी घायल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ईरान के हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई है। इनमें पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक हैं। एक भारतीय समेत 58 लोग घायल भी हैं। ईरान ने UAE की ओर 165 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से 152 को एयर डिफेंस सिस्टम ने खत्म कर दिया और 13 समुद्र में गिरीं। इसके अलावा 541 ड्रोन लॉन्च किए गए, जिनमें से 506 इंटरसेप्ट किए गए, जबकि 35 देश की सीमा के भीतर गिरे।

……………….. ईरान जंग पर ये खबर भी पढ़ें ट्रम्प बोले- ईरान के 48 नेता एक झटके में खत्म, 9 जहाज डुबोए

इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला किया। हमले में ईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि इन हमलों में 48 ईरानी नेता मारे गए हैं। अमेरिका ने ईरान के 9 जहाज डुबो दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…



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