झाबुआ: घर में घुसे विशाल अजगर ने बिल्ली को बनाया शिकार, दीवार खोदकर किया गया रेस्क्यू और जंगल में छोड़ा

वन्दे भारत न्यूज़। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के देवलफलिया गांव में रविवार के दिन एक विशाल अजगर के घर के अंदर प्रवेश करने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा हो गया। इस दौरान अजगर ने घर में मौजूद एक बिल्ली को अपना शिकार बना लिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और स्थानीय स्नेक कैचर (सांप पकड़ने वाले) मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दीवार खोदकर अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे पुनः जंगल में छोड़ दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रविवार के दिन देवलफलिया गांव में डूंगर सिंह सिंगाड के निवास स्थान पर घटी। डूंगर सिंह सिंगाड की पत्नी उस समय अपने घर की रसोई में थीं और परिवार के लिए रोटी बनाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने अचानक देखा कि घर में मौजूद एक बिल्ली तेजी से भागती हुई निकल रही है। बिल्ली के इस तरह अचानक और तेजी से भागने पर उनका ध्यान गया और जब उन्होंने गौर से देखा तो उनके होश उड़ गए। घर के अंदर एक बहुत बड़ा अजगर घुस आया था, जिसने बिल्ली को अपनी चपेट में ले लिया था। अजगर को देखते ही महिला घबरा गईं और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना परिवार के अन्य सदस्यों और आस-पास के लोगों को दी।
घर के अंदर इतने बड़े अजगर के होने की खबर जैसे ही गांव में फैली, देवलफलिया गांव के लोग डर गए। अजगर का आकार काफी विशाल था, जिसके कारण किसी भी व्यक्ति की उस कमरे या उसके आस-पास जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। ग्रामीणों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, क्योंकि अजगर के हमले का खतरा किसी भी व्यक्ति, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को हो सकता था। ऐसे में गांव वालों ने बिना समय गंवाए तुरंत वन विभाग को इस घटना की सूचना दी और मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम तत्काल प्रभाव से देवलफलिया गांव के लिए रवाना हुई। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही एक अनुभवी स्नेक कैचर (सांप पकड़ने वाला व्यक्ति) भी मौके पर पहुंचा। रेस्क्यू टीम ने जब घर के अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया, तो पाया कि अजगर ने बिल्ली को निगल लिया है या उसे अपनी पकड़ में कस लिया है, और वह घर की दीवार के पास एक संकरी जगह में फंसा हुआ या छिपा बैठा है। अजगर का वजन और आकार इतना अधिक था कि उसे सीधे हाथों से पकड़ना बेहद जोखिम भरा कार्य था।
रेस्क्यू ऑपरेशन को अत्यंत सावधानी से अंजाम दिया गया। चूंकि अजगर दीवार के पास या उसके पीछे की तरफ चला गया था, इसलिए टीम को दीवार का कुछ हिस्सा खोदना पड़ा। दीवार खोदने का काम बहुत ही ध्यान से किया गया ताकि अजगर को कोई चोट न पहुंचे और वह आक्रामक न हो जाए। कई घंटों की कड़ी मशक्कत, सतर्कता और तकनीकी समझ के बाद वन विभाग की टीम और स्नेक कैचर ने अजगर को दीवार खोदकर सुरक्षित रूप से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। रेस्क्यू के दौरान गांव के कई लोग दूर खड़े होकर इस पूरे अभियान को देख रहे थे।
अजगर को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे विशेष बोरियों या बक्सों में रखा ताकि उसे सुरक्षित स्थान तक ले जाया जा सके। वन विभाग के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए इस विशाल अजगर को गांव से दूर घने जंगल में ले जाकर सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। जंगल में छोड़े जाने के बाद अजगर प्राकृतिक रूप से अपने आवास में लौट गया। वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से गांव वालों ने राहत की सांस ली।
इस घटना में जहां अजगर ने घर की बिल्ली को अपना शिकार बना लिया, वहीं वन विभाग की टीम की तत्परता से किसी भी इंसान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। डूंगर सिंह सिंगाड के परिवार सहित पूरे देवलफलिया गांव ने वन विभाग की टीम और स्नेक कैचर के प्रति आभार व्यक्त किया। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि यदि भविष्य में ऐसा कोई जंगली जीव उनके घर या आस-पास दिखाई दे, तो वे खुद उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
झाबुआ जिला मुख्य रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और यहां के गांव जंगलों के करीब स्थित हैं। मानसून और उसके बाद के मौसम में सांप और अन्य जंगली जीवों के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे में वन विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाना और रेस्क्यू टीम को सक्रिय रखना अत्यंत आवश्यक होता है। देवलफलिया गांव की यह घटना इसी का एक उदाहरण है, जहां सही समय पर सही कदम उठाकर एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया।

