झाबुआ: शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति अभियान का शुभारंभ, CMHO डॉ. एमएल चौपड़ा ने बच्चों को खिलाई एल्बेंडाजोल की गोली

वंदे भारत न्यूज़ | झाबुआ
मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस के अवसर पर एक विशेष स्वास्थ्य अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का शुभारंभ जिला झाबुआ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एमएल चौपड़ा ने स्वयं उपस्थित रहकर किया। उन्होंने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान डॉ. चौपड़ा ने केवल बच्चों को ही दवा नहीं खिलाई, बल्कि उन्होंने स्वयं भी एल्बेंडाजोल की गोली खाकर समाज और विद्यार्थियों को एक सशक्त संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसके सेवन से कोई घबराने की आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस के तहत चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों और किशोरों को पेट के कृमि (Worms) के संक्रमण से मुक्त करना है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा पूरे देश में इस अभियान को संचालित किया जाता है। झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल जिले में, जहां साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर अभी भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है, वहां इस प्रकार के राष्ट्रीय अभियानों का विशेष महत्व होता है। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और उन्हें निर्धारित खुराक के अनुसार एल्बेंडाजोल की गोली दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएल चौपड़ा ने इस अवसर पर बच्चों, शिक्षकों और उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए स्वच्छता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कृमि संक्रमण के कारण बच्चों में कुपोषण, खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी और पेट दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इन बीमारियों के कारण बच्चे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं, जिससे उनकी शैक्षणिक क्षमता प्रभावित होती है। डॉ. चौपड़ा ने स्पष्ट किया कि नियमित अंतराल पर एल्बेंडाजोल की गोली खाने से बच्चों को इन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. एमएल चौपड़ा ने स्वच्छता और व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को समझाया कि कृमि का संक्रमण मुख्य रूप से गंदगी और अस्वच्छता के कारण फैलता है। इसलिए, भोजन करने से पहले और शौचालय जाने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे हमेशा पके हुए और ढके हुए भोजन का ही सेवन करें। कच्चे या अधपके भोजन और खुले में रखे खाने की चीजों से कृमि के अंडे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। उन्होंने नंगे पैर चलने से भी बचने की सलाह दी, क्योंकि मिट्टी के माध्यम से भी कई प्रकार के कृमि शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। पीने के पानी को हमेशा उबालकर या फिल्टर करके उपयोग करने की बात भी इस दौरान कही गई।
डॉ. चौपड़ा ने स्वयं एल्बेंडाजोल की गोली खाकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जाने वाली यह दवा पूर्णतः सुरक्षित और प्रभावी है। कई बार ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में दवाओं को लेकर लोगों के मन में भ्रांतियां या हिचकिचाहट होती है। ऐसे में जब जिले के सर्वोच्च स्वास्थ्य अधिकारी स्वयं वह दवा खाते हैं, तो यह बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ा प्रेरणादायक उदाहरण बनता है। इस कदम से विद्यार्थियों में दवा खाने को लेकर किसी भी प्रकार का भय नहीं रहा और उन्होंने सहर्ष गोली का सेवन किया।
राष्ट्रीय कृमिमुक्ति अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की गोली दी जाती है। 1 से 2 वर्ष की आयु के बच्चों को आधी गोली (200 मिलीग्राम) दी जाती है, जिसे पीसकर शहद या पानी के साथ दिया जाता है, जबकि 2 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों को पूरी गोली (400 मिलीग्राम) चबाकर खाने के लिए दी जाती है। झाबुआ जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में भी इन्हीं मानकों का पालन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा बच्चों को दवा चबाकर खाने का सही तरीका भी बताया गया।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया था। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों ने भी इस पुनीत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई और बच्चों को कतार में लगाकर व्यवस्थित तरीके से दवा दिलवाई। शिक्षकों ने बच्चों को स्वच्छता के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है।
झाबुआ जिले में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस का यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डॉ. एमएल चौपड़ा की पहल और मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह अभियान जिले के अन्य स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी संचालित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले के हर बच्चे तक एल्बेंडाजोल की गोली पहुंचाई जाए, ताकि झाबुआ को कृमि संक्रमण से मुक्त किया जा सके और बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

