झाझा के पताव गांव में सोते समय करैत सांप ने काटा, डॉक्टरों ने लगाए 20 एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन

जमुई। बिहार के जमुई जिले के झाझा प्रखंड अंतर्गत पताव गांव में एक व्यक्ति को करैत सांप के डसने की गंभीर घटना सामने आई है। यह घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब दो बजे की बताई जा रही है, जब पीड़ित व्यक्ति अपने घर की छत पर सो रहा था। करैत सांप ने सोते समय ही उसके कान में डंस लिया, जिसके बाद पीड़ित की नींद खुल गई और उसने मच्छरदानी के भीतर सांप को देखा। पीड़ित की पहचान रोशन यादव के रूप में हुई है। सांप के काटने के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कुल 20 एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन लगाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झाझा प्रखंड के पताव गांव निवासी रोशन यादव सोमवार की रात अन्य दिनों की भांति अपने घर की छत पर सो रहे थे। गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अक्सर रात के समय खुली हवा में छतों पर सोना पसंद करते हैं। रात करीब दो बजे के आसपास एक जहरीले करैत सांप ने रोशन यादव के कान में डंस दिया। सांप के काटने से अचानक दर्द और झटका लगने पर रोशन यादव की नींद टूट गई। जब उन्होंने होश में आकर अपनी मच्छरदानी के अंदर देखा, तो वहां करैत सांप मौजूद था। इस भयावह दृश्य को देखकर परिवार में हड़कंप मच गया और तत्काल परिजनों को इसकी सूचना दी गई।
परिजन तुरंत रोशन यादव को लेकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों ने जब रोशन यादव की जांच की, तो पाया कि करैत सांप ने उनके कान में डसा है, जो शरीर के बेहद संवेदनशील हिस्सों में से एक माना जाता है। करैत सांप का जहर मुख्य रूप से न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो सीधे तौर पर शरीर की नसों और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। ऐसे में मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती थी। डॉक्टरों ने बिना किसी देरी के इलाज शुरू किया और विष के प्रभाव को कम करने तथा मरीज की जान बचाने के लिए कुल 20 एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाए गए। इतनी बड़ी मात्रा में एंटी स्नेक वेनम दिए जाने से यह स्पष्ट होता है कि सांप के काटने के बाद जहर का असर शरीर में काफी तेजी से फैल रहा था और स्थिति अत्यंत गंभीर थी।
करैत सांप को भारत में पाए जाने वाले सबसे जहरीले सांपों में से एक माना जाता है। यह सांप मुख्य रूप से रात्रिचर होता है और रात के अंधेरे में ही शिकार करने निकलता है। इसी कारण से गर्मियों के दिनों में जब लोग बाहर या छतों पर सोते हैं, तो करैत सांप के डसने की घटनाएं अधिक होती हैं। करैत सांप का डंक कई बार इतना हल्का होता है कि व्यक्ति को सोते समय पता भी नहीं चलता, लेकिन इसका जहर धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलकर लकवा या मृत्यु का कारण बन सकता है। रोशन यादव के मामले में सांप ने कान में डसा, जिससे उन्हें तुरंत दर्द महसूस हुआ और समय रहते उन्हें अस्पताल ले जाया जा सका। यदि वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते तो स्थिति और भी खतरनाक हो सकती थी।
जमुई जिला और विशेषकर झाझा प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में सांप के डसने की घटनाएं आम बात हैं। पताव गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में खेतों और रिहायशी इलाकों के बीच की दूरी कम होने के कारण सांप अक्सर घरों में प्रवेश कर जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, विशेषकर बारिश के मौसम या उमस भरी रातों में सांप ठंडी जगह की तलाश में घरों और छतों तक आ जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव और समय पर उपचार की व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला दिया है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है। करैत जैसे जहरीले सांप के काटने पर मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए, जहां एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हो। झाझा और जमुई जिले के अस्पतालों में सर्पदंश के मरीजों के इलाज के लिए एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है, जिसका लाभ रोशन यादव जैसे मरीजों को मिल पाता है। डॉक्टरों द्वारा 20 इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मरीज की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्रोत के अनुसार, यह पूरी घटना सोमवार और मंगलवार की रात की है और रोशन यादव को सांप के काटने के बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। इस घटना के बाद पताव गांव और आसपास के इलाकों में लोगों में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रात के समय सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।

