जहानाबाद: 15 महीने से मानदेय न मिलने पर सफाईकर्मी और रात्रि प्रहरियों का प्रदर्शन, डीएम कार्यालय पहुंचकर सरकारी कर्मचारी का दर्जा मांगा

बिहार के जहानाबाद जिले में बुधवार को सफाईकर्मियों और रात्रि प्रहरियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ये सभी कर्मी गांधी मैदान से एकत्रित होकर जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले 15 महीनों से उनका मानदेय नहीं दिया गया है, जिसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने लिए सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की भी मांग उठाई।
सफाईकर्मियों और रात्रि प्रहरियों का यह प्रदर्शन उनकी दस सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। बुधवार को गांधी मैदान में बड़ी संख्या में सफाईकर्मी और रात्रि प्रहरी इकट्ठा हुए। वहां से वे नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय की ओर बढ़े। जब यह जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, तो वहां प्रशासनिक अधिकारियों को इनकी समस्याओं से अवगत कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे पिछले 15 महीनों से बिना मानदेय के काम कर रहे हैं। लंबे समय तक वेतन या मानदेय न मिलने के कारण उनके परिवारों का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। घरों में आर्थिक तंगी के चलते कई कर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने बताया कि वे शहर और जिले की साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में दिन-रात जुटे रहते हैं। सफाईकर्मी हर मौसम में सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई का कार्य करते हैं, ताकि आम जनता को स्वच्छ वातावरण मिल सके। वहीं, रात्रि प्रहरी रात के अंधेरे में लोगों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं। इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें समय पर उनका हक यानी मानदेय नहीं मिल पा रहा है। 15 महीने का लंबा अंतराल किसी भी कर्मचारी वर्ग के लिए बहुत बड़ा समय होता है, और इस अवधि में बिना किसी आर्थिक सहयोग के काम करना उनके लिए असंभव होता जा रहा है।
इन कर्मियों की सबसे प्रमुख मांगों में से एक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त करना है। वर्तमान में ये सफाईकर्मी और रात्रि प्रहरी अनुबंध या अन्य आधार पर कार्य कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं और सुरक्षा प्राप्त नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके और वे सम्मान के साथ अपना जीवनयापन कर सकें। सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलने से उन्हें समय पर वेतन, भविष्य निधि, चिकित्सा सुविधा और अन्य सेवा लाभ मिल सकेंगे, जिनसे वे अभी वंचित हैं।
बुधवार को निकाले गए इस जुलूस में कर्मियों ने कुल दस सूत्रीय मांगें रखीं। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इन सभी दस बिंदुओं का विस्तृत ब्योरा स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन मानदेय की बकाया राशि का भुगतान और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना इन मांगों का केंद्र बिंदु रहा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि उनके द्वारा रखी गई सभी दस मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
डीएम कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और 15 महीने का बकाया मानदेय जारी नहीं किया गया, तो उनके पास आंदोलन को और तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। जिले की साफ-सफाई और रात्रि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से इन कर्मियों पर निर्भर करती है। ऐसे में यदि ये कर्मी काम बंद कर देते हैं, तो पूरे जहानाबाद जिले में साफ-सफाई और सुरक्षा की व्यवस्था चरमरा सकती है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ेगा।
इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से क्या ठोस आश्वासन दिया गया है या अधिकारियों ने इस संबंध में क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की है, इस बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन ने 15 महीने के बकाया मानदेय के भुगतान के लिए कोई समयसीमा तय की है या नहीं।
बिहार में सफाईकर्मियों और रात्रि प्रहरियों की समस्याएं कोई नई नहीं हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में समय-समय पर ऐसे कर्मी अपने मानदेय, सेवा शर्तों और स्थायीकरण को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। जहानाबाद में बुधवार को हुआ यह प्रदर्शन इसी कड़ी का हिस्सा है। गांधी मैदान से लेकर डीएम कार्यालय तक निकाले गए इस जुलूस ने एक बार फिर प्रशासन और सरकार का ध्यान इन मेहनतकश कर्मियों की दुर्दशा की ओर खींचने का प्रयास किया है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इन कर्मियों की दस सूत्रीय मांगों और 15 महीने के बकाया मानदेय को लेकर कब तक कोई ठोस कदम उठाती है।

