जहानाबाद: छठ पूजा से पहले संगम घाट पर डीएम ने स्वयं उठाया झाड़ू, ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य तेज

जहानाबाद। बिहार में आस्था और लोकपर्व के रूप में मनाए जाने वाले छठ पूजा की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में जहां भारी उत्साह है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी घाटों की सुरक्षा, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जहानाबाद जिला प्रशासन ने एक अनुकरणीय पहल करते हुए सोमवार को संगम घाट पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर सफाई कार्य किया, जिससे न केवल अधिकारियों बल्कि आम जनमानस में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश गया। यह अभियान ‘स्वच्छता ही सेवा’ के तहत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य छठ व्रतियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा जनभागीदारी को सुनिश्चित करना था।
सोमवार को आयोजित इस विशेष स्वच्छता अभियान में नगर परिषद जहानाबाद और जिला गंगा समिति ने संयुक्त रूप से भाग लिया। दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर संगम घाट परिसर की गहन सफाई की। अभियान के दौरान घाट पर जमा कचरे, सूखे पत्तों, प्लास्टिक और अन्य अवशेषों को हटाया गया। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लेने से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया। प्रशासनिक मुखिया द्वारा झाड़ू उठाने का दृश्य स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणादायी रहा और इसने स्पष्ट संकेत दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी कर्मचारियों या सफाईकर्मियों का दायित्व नहीं है, बल्कि यह सामूहिक जिम्मेदारी है। इस पहल के माध्यम से जिला प्रशासन ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
छठ पूजा बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का अभिन्न अंग है। इस पर्व में नदी, तालाब और जलाशयों की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में जलाशयों और घाटों की स्वच्छता सीधे तौर पर आस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी हुई है। जहानाबाद का संगम घाट क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष बड़ी संख्या में व्रती यहां अर्घ्य देने पहुंचते हैं। भीड़ को देखते हुए यह आवश्यक हो जाता है कि घाट परिसर न केवल साफ हो, बल्कि सुव्यवस्थित और सुंदर भी हो। सोमवार को शुरू किए गए सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य का उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे पूर्ण श्रद्धा के साथ अपनी पूजा-अर्चना कर सकें।
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का व्यापक संदर्भ भी समझा जाना आवश्यक है। यह अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती और उनके स्वच्छता के विचारों से प्रेरित है। जहानाबाद में इसे छठ पूजा की तैयारियों से जोड़कर एक स्थानीय और व्यावहारिक स्वरूप दिया गया है। जिला गंगा समिति की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि जल संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर प्रशासन गंभीर है। नगर परिषद की टीम ने सफाई उपकरणों और वाहनों की व्यवस्था कर अभियान को व्यवस्थित बनाया। अभियान के दौरान घाट की सीढ़ियों, रेलिंग और आसपास के खुले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित किया गया कि एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण हो ताकि पुनः गंदगी न फैले।
प्रशासनिक स्तर पर की गई इस पहल को जनभागीदारी का संदेश माना जा रहा है। जब जिलाधिकारी जैसे वरिष्ठ अधिकारी मैदान में उतरकर कार्य करते हैं, तो इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव समाज पर पड़ता है। लोग यह महसूस करते हैं कि स्वच्छता कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जरूरत है। जहानाबाद में इस अभियान के माध्यम से यही भावना पैदा करने का प्रयास किया गया है। स्थानीय नागरिकों, युवा संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अपेक्षा है कि वे इस मुहिम से जुड़ें और अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाएं। छठ पूजा सामूहिक आस्था का पर्व है, इसलिए इसकी तैयारियों में सामूहिक प्रयास ही सबसे कारगर सिद्ध होता है।
संगम घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों के तहत सफाई के अलावा अन्य व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है। घाट पर रोशनी की व्यवस्था, रंग-रोगन और दिशा-निर्देशक बोर्डों की स्थापना जैसे कार्य शामिल हैं, ताकि रात्रि में अर्घ्य के समय श्रद्धालुओं को सुविधा हो। हालांकि, सोमवार के अभियान का मुख्य फोकस स्वच्छता पर रहा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि छठ पूजा संपन्न होने तक लगातार सफाई और निगरानी जारी रहेगी। नियमित सफाई दलों की तैनाती और निरीक्षण की व्यवस्था की गई है ताकि घाट की स्वच्छता बनी रहे।
जहानाबाद में छठ पूजा की तैयारियों को लेकर प्रशासन की सक्रियता और जनभागीदारी पर आधारित दृष्टिकोण स्वागत योग्य है। संगम घाट पर डीएम द्वारा झाड़ू लेकर सफाई करना केवल एक प्रतीकात्मक कार्य नहीं, बल्कि एक ठोस प्रशासनिक संदेश है। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत नगर परिषद और जिला गंगा समिति का संयुक्त प्रयास दर्शाता है कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। आगामी दिनों में जब लाखों श्रद्धालु संगम घाट पर उमड़ेंगे, तो आज की गई यह मेहनत रंग लाएगी। प्रशासन की इस पहल से न केवल घाट की भौतिक स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि समाज में स्वच्छता संस्कृति को भी बल मिलेगा, जो दीर्घकालिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

