रांची : झारखंड में लागू राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना की जटिलताओं और चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी समस्याओं को लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने अपने कार्यालय कक्ष में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग और मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रतिपूर्ति प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों पर गहन चर्चाबैठक में माननीय सदस्यों तथा पूर्व सदस्यों द्वारा चिकित्सा प्रतिपूर्ति में आ रही गंभीर समस्याओं को विस्तार से रखा गया।— योजना के तहत पंजीकरण प्रक्रिया में अस्पष्टता,— प्रीमियम राशि से जुड़े भ्रम,— 1 मार्च 2025 के बाद इलाज कराने वालों की प्रतिपूर्ति में देरी,जैसी कई शिकायतें अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की गईं।
बीमा कंपनियों द्वारा ‘कैपिंग’ से बढ़ रही मरीजों की परेशानीअध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि कई मामलों में बीमा कंपनियां इलाज पर अलग-अलग बीमारियों के लिए तय सीमा (कैपिंग) लागू कर रही हैं।यदि मरीज बेहतर इलाज के लिए विकल्प चुनता है और खर्च निर्धारित सीमा से ज्यादा होता है, तो बीमा कंपनी भुगतान से इंकार कर देती है।इससे मरीजों को इलाज शुरू करने के लिए तुरंत भारी रकम जुटानी पड़ती है, जिससे उपचार में बाधा आती है।
कई पूर्व सदस्यों ने भी जताई चिंतासदस्य प्रदीप यादव सहित कई पूर्व विधायकों ने भी अध्यक्ष को पत्र लिखकर— चिकित्सा प्रतिपूर्ति,— अग्रिम निकासी,— बीमा योजना से जुड़ी परेशानियोंकी ओर ध्यान दिलाया था।
विभागों को निर्देश – जल्द समाधान प्रस्तुत करेंअध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने सभी विभागों को निर्देश दिया कियोजना की खामियों को तत्काल दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाएँ औरप्रतिपूर्ति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कर्मियों के हित में बनाया जाए।झारखंड विधानसभा की यह समीक्षा बैठक राज्यकर्मियों और जनप्रतिनिधियों के इलाज व प्रतिपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

















