राज्य में एमबीबीएस करने पर 5 साल सरकारी सेवा अनिवार्य, झारखंड सरकार लाएगी नया नियम

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धनबाद। झारखंड सरकार राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को अनिवार्य रूप से पांच वर्षों तक राज्य के सरकारी अस्पतालों में सेवा देनी होगी। इसके लिए जल्द ही मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की जाएगी।

बुधवार को धनबाद सदर अस्पताल में ओपीडी कर मरीजों का हालचाल जानने के बाद मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह निर्णय राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम होगा। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था शीघ्र प्रभावी होगी।इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हड्डी रोग विभाग के लिए सी-आर्म मशीन, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन समेत अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में झारखंड में आठ नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाएंगे, जिनमें से चार की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। अगले चार वर्षों में कोयलांचल क्षेत्र को राज्य का “मेडिकल हब” बनाने का लक्ष्य है।

डॉ. अंसारी ने बताया कि धनबाद में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम से नया मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। साथ ही धनबाद मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन को तोड़कर नए भवन के निर्माण की पहल शुरू कर दी गई है। भविष्य में यहां एआई और रोबोटिक तकनीक के माध्यम से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों को मरीजों और उनके परिजनों के साथ बेहतर व्यवहार करने की नसीहत दी, वहीं डॉक्टरों से दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।

मुख्य बातें:झारखंड में एमबीबीएस करने पर 5 साल सरकारी सेवा अनिवार्यजल्द लागू होगी नई एसओपीधनबाद में शिबू सोरेन के नाम से नया मेडिकल कॉलेजमेडिकल कॉलेज में एआई व रोबोटिक तकनीक से इलाज की तैयारीडॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए भर्तियां और नए कॉलेजों पर जोर

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