गुवा गोलीकांड के आंदोलनकारी दरगड़ाय सिरका को झामुमो नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, गांव में लगेगी प्रतिमा।

editor
3 Min Read

ऐतिहासिक 1980 के गुवा गोलीकांड के आंदोलनकारी एवं बड़ा राईका गांव निवासी दरगड़ाय सिरका के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बीते 8 दिसंबर को उनके निधन के बाद से गांव सहित आसपास के इलाकों में गमगीन माहौल बना हुआ है। गुवा गोलीकांड के संघर्ष और पीड़ा के साक्षी रहे दरगड़ाय सिरका को श्रद्धांजलि देने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई नेता उनके गांव बड़ा राईका पहुंचे।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आंदोलनकारी चिन्हित आयोग के सदस्य भुवनेश्वर महतो, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, रिमू बहादुर, शंकर बोबोंगा, सोनू हरिवंश, रमेश सिरका, निरंजन सिरका सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी नेताओं और ग्रामीणों ने दरगड़ाय सिरका के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके संघर्ष को याद किया।

इस दौरान ग्रामीणों ने मांग रखी कि दरगड़ाय सिरका की स्मृति में गांव में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए और प्रत्येक वर्ष 8 सितंबर को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाए। ग्रामीणों की भावना को देखते हुए जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन ने गांव में प्रतिमा स्थापना की जिम्मेदारी लेते हुए इसे जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।

गौरतलब है कि दरगड़ाय सिरका उन साहसी आंदोलनकारियों में शामिल थे, जिन्होंने गुवा गोलीकांड के दौरान आदिवासियों के अधिकार और न्याय की मांग को लेकर हुए आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली उनके गाल को चीरते हुए आर-पार निकल गई थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा और लंबे समय तक उनका इलाज चला।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके इलाज की जिम्मेदारी उठाई थी और उन्हें रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद वे घर लौटे, लेकिन लगातार गिरती सेहत के कारण 8 दिसंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली।

दरगड़ाय सिरका के निधन से गुवा गोलीकांड के संघर्षपूर्ण इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है, लेकिन उनका बलिदान और संघर्ष हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा।

Leave a Comment