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Tue, Oct 6, 2026Updated 10:40 AM IST
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जमुई में चिकित्सीय लापरवाही पर प्रशासन का शिकंजा: सदर अस्पताल में दो महिलाओं की मौत के बाद दूसरे दिन जीपी पॉली क्लिनिक सील, परिजनों ने जताया रोष

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वंदे भारत न्यूज़, जमुई। बिहार के जमुई जिले में चिकित्सीय लापरवाही के गंभीर मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने निजी क्लीनिकों और स्वास्थ्य केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान छेड़ दिया है। जमुई सदर अस्पताल में एक ही रात के दौरान दो महिला मरीजों की हुई मौत के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए लगातार दूसरे दिन भी एक निजी क्लीनिक को सील कर दिया है। इस बार प्रशासनिक कार्रवाई का शिकार जीपी पॉली क्लिनिक बना है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्लीनिक पहुंचकर उसे पूरी तरह से सील कर दिया, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, जमुई सदर अस्पताल में बीते दिनों एक ही रात में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों महिलाओं की मौत के बाद उनके परिजनों में भारी रोष व्याप्त है। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने और चिकित्सीय लापरवाही के कारण उनकी महिलाओं की जान चली गई। इस दर्दनाक घटना के बाद जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया था, जिसके चलते अधिकारियों ने निजी स्वास्थ्य केंद्रों और क्लीनिकों की जांच तेज कर दी है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत लगातार दूसरे दिन जीपी पॉली क्लिनिक को सील किया गया है। बताया जा रहा है कि क्लीनिक की जांच के दौरान कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक क्लीनिक को सील करने के पीछे की सभी तकनीकी और कानूनी वजहों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या इस क्लीनिक का संबंध उन दो महिलाओं के इलाज से था या फिर यह नियमित जांच अभियान का हिस्सा था। प्रशासन ने इस मामले में आगे की जांच जारी रखने की बात कही है।

इस बीच, सदर अस्पताल में हुई मौतों और निजी क्लीनिकों पर हो रही कार्रवाई के बाद मरीजों के परिजनों ने अपनी चिंता और असंतोष व्यक्त किया है। कुछ मरीजों के परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अब जमुई सदर अस्पताल नहीं जाएंगे। परिजनों का कहना है कि जब सरकारी अस्पताल में ही मरीजों की सुरक्षा और उचित इलाज की कोई गारंटी नहीं है, तो ऐसे में वे अपने मरीजों को वहां ले जाने का जोखिम नहीं उठा सकते। परिजनों का यह बयान जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आम जनता के घटते भरोसे को दर्शाता है। लोगों में यह भय बैठ गया है कि कहीं उनके साथ भी ऐसा ही न हो जाए।

जमुई जिले में पिछले कुछ समय से निजी क्लीनिकों की संख्या में काफी वृद्धि देखी गई है। कई ऐसे क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं, जहां योग्य डॉक्टरों की कमी है और मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। प्रशासन की इस ताजा कार्रवाई को इन अवैध या मानक विहीन क्लीनिकों के खिलाफ एक बड़े अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे क्लीनिकों की जांच की जाएगी जो बिना उचित अनुमति या मानकों के संचालित हो रहे हैं।

एक ही रात में दो महिलाओं की मौत का मामला बेहद संवेदनशील है। प्रशासन ने सदर अस्पताल की उस रात की ड्यूटी और इलाज की प्रक्रिया की भी जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या अस्पताल में डॉक्टरों की कमी थी, दवाइयां उपलब्ध नहीं थीं, या किसी अन्य प्रकार की चूक हुई जिसके कारण दोनों महिलाओं की जान नहीं बचाई जा सकी। फिलहाल, इस संबंध में किसी अधिकारी की ओर से कोई पुष्टि या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

जीपी पॉली क्लिनिक को सील किए जाने की खबर फैलते ही अन्य निजी क्लीनिक संचालकों में भी खलबली मच गई है। कई क्लीनिक संचालकों ने अपने कागजात और अनुमतियों की जांच शुरू कर दी है, ताकि वे प्रशासनिक कार्रवाई से बच सकें। प्रशासन का यह रुख स्पष्ट है कि चिकित्सीय लापरवाही को लेकर अब किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। यदि किसी भी क्लीनिक या अस्पताल में मरीजों के साथ लापरवाही के सबूत मिलते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने मांग की है कि यह कार्रवाई केवल दिखावे के लिए नहीं होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल में भी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है, जिसे दूर करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जब तक सरकारी अस्पतालों में उचित इलाज की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक लोग निजी क्लीनिकों की ओर जाने को मजबूर रहेंगे और परिजन सदर अस्पताल जाने से कतराते रहेंगे।

कुल मिलाकर, जमुई सदर अस्पताल में दो महिलाओं की एक ही रात हुई मौत ने जिले की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। प्रशासन द्वारा जीपी पॉली क्लिनिक सहित अन्य निजी क्लीनिकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन मरीजों के परिजनों का सदर अस्पताल जाने से इनकार करना स्वास्थ्य विभाग के लिए एक गंभीर चुनौती है। वंदे भारत न्यूज़ इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जैसे-जैसे प्रशासनिक जांच में नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें विस्तार से प्रकाशित किया जाएगा।