Wed, 07 Oct 20267:54 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 7:54 AM IST
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खगड़िया में बाढ़ और जलजमाव से निजात के लिए बबलू मंडल ने रखा प्रस्ताव: बूढ़ी गंडक किनारे बनेंगे 3 स्लूइस गेट और 39 किमी सड़क, 7500 एकड़ भूमि होगी जलमुक्त

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खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में हर वर्ष आने वाली बाढ़ और उसके बाद उत्पन्न होने वाले भीषण जलजमाव की समस्या से जूझ रहे लोगों को स्थायी राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के विधायक बबलू कुमार मंडल ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए जल संसाधन विभाग के समक्ष दो अहम प्रस्ताव रखे हैं। इन प्रस्तावों के तहत बूढ़ी गंडक नदी के दोनों तटबंधों पर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा और जलजमाव को दूर करने के लिए तीन एंटी फ्लड स्लूइस गेट बनाए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 6.41 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और करीब 7,500 एकड़ कृषि योग्य भूमि जलजमाव से मुक्त हो सकेगी।

विधायक बबलू कुमार मंडल ने इस संबंध में राज्य के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी को एक विस्तृत पत्र भेजा है। अपने पत्र में उन्होंने खगड़िया विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और वहां हर साल आने वाली आपदा का हवाला देते हुए स्थायी समाधान की मांग की है। विधायक द्वारा भेजे गए पत्र में मुख्य रूप से दो मांगें शामिल हैं। पहली मांग बूढ़ी गंडक नदी के दोनों तरफ मौजूद तटबंधों पर 39 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क के निर्माण से संबंधित है। वहीं दूसरी मांग कराची और बदलाघाट तटबंध के बीच के इलाके में भारी जलजमाव को समाप्त करने के लिए तीन एंटी फ्लड स्लूइस गेट बनवाने की है।

खगड़िया जिला बिहार के उन क्षेत्रों में आता है जो कोसी, बूढ़ी गंडक और गंगा जैसी नदियों के घेरे में होने के कारण हर साल बाढ़ और जलजमाव की मार झेलते हैं। बारिश के मौसम में जब नदियों का जलस्तर बढ़ता है, तो तटबंधों के बीच और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर जाता है। बारिश का पानी और नदियों का उफनाया जल निकलने का रास्ता नहीं पाता, जिससे कई-कई महीनों तक खेतों और गांवों में पानी भरा रहता है। विधायक बबलू कुमार मंडल ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट किया है कि कराची और बदलाघाट तटबंध के बीच का इलाका इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित रहता है। यहां तीन एंटी फ्लड स्लूइस गेट बन जाने से जमा हुआ पानी तेजी से निकासित हो सकेगा और इससे करीब 7,500 एकड़ भूमि को जलजमाव से स्थायी रूप से मुक्ति मिल सकेगी।

इस प्रोजेक्ट के तहत 39 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण भी एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बूढ़ी गंडक नदी के दोनों तटबंधों पर जब यह पक्की सड़क बनकर तैयार हो जाएगी, तो इससे न केवल बाढ़ नियंत्रण और तटबंधों की सुरक्षा में मदद मिलेगी, बल्कि दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी। वर्तमान में बारिश और बाढ़ के दौरान कच्चे तटबंधों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पक्की सड़क बनने से आपातकालीन स्थिति में राहत कार्य और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना भी प्रशासन के लिए काफी आसान हो जाएगा।

जल संसाधन विभाग के समक्ष रखे गए इस प्रस्ताव में कुल 6.41 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। विधायक ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी से अनुरोध किया है कि वे इस प्रस्ताव पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए इसे मंजूरी प्रदान करें, ताकि क्षेत्र की जनता को बाढ़ और जलजमाव की विकराल समस्या से छुटकारा मिल सके। सूत्रों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों को सीधा फायदा पहुंचेगा। किसानों की फसलें जलमग्न होने से बच सकेंगी और उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

बता दें कि खगड़िया क्षेत्र में बाढ़ और जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है। हर साल मानसून के दौरान यहां के लोग अपनी जान-माल और फसलों को बचाने के लिए संघर्ष करते हैं। ऐसे में विधायक बबलू कुमार मंडल द्वारा जल संसाधन विभाग और उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया यह प्रस्ताव क्षेत्रवासियों के लिए एक उम्मीद की किरण है। अब सभी की निगाहें जल संसाधन विभाग और राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हुई हैं कि इस 6.41 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण योजना को कब तक मंजूरी दी जाती है और इस पर काम शुरू होता है। यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से पूरी होती है, तो खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के जल संकट और बाढ़ की समस्या में ऐतिहासिक कमी आ सकती है।