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Tue, Oct 6, 2026Updated 7:42 AM IST
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खगड़िया: पुलिसकर्मी के पति को शराब, गांजा और हथियार केस में फंसाने की रची गई साजिश, दो भाई गिरफ्तार; पूर्व गर्लफ्रेंड से शादी बनी वजह

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खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले के पसराहा थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थानीय पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध शराब, गांजा और हथियार रखने के झूठे मामले में फंसाने की कथित साजिश का खुलासा किया है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमन राज और उसके भाई रंजन कुमार के रूप में हुई है। यह मामला पहले से चल रहे एक ब्लैकमेलिंग केस से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी पीड़ित व्यक्ति पर अवैध मादक पदार्थ और हथियार रखने का झूठा आरोप लगाकर उसे कानूनी शिकंजे में फंसाना चाहते थे, ताकि वे अपनी ब्लैकमेलिंग की योजना को अंजाम दे सकें।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी साजिश पीड़ित व्यक्ति के खिलाफ रची गई थी। पीड़ित व्यक्ति पेशे से एक पुलिसकर्मी के पति हैं। आरोपियों ने उनके घर में अवैध तरीके से गांजा, शराब और हथियार रखवाने या रखे होने का झूठा मामला तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। इसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित को डरा-धमकाकर ब्लैकमेल करना और उनसे अवैध वसूली करना था। हालांकि, पसराहा थाना पुलिस की सतर्कता और समय रहते की गई कार्रवाई के कारण यह साजिश कामयाब नहीं हो सकी और पुलिस ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।

इस आपराधिक साजिश के पीछे का मुख्य कारण बेहद निजी और पुराना विवाद बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अमन राज की पूर्व गर्लफ्रेंड (पूर्व प्रेमिका) से पीड़ित व्यक्ति ने शादी कर ली थी। यही बात आरोपी अमन राज को नागवार गुजरी और उसने इसी बात को लेकर मन में गहरी दुश्मनी पाल ली। पूर्व गर्लफ्रेंड की शादी किसी और से हो जाने के बाद से ही अमन राज बदले की भावना से पीड़ित को नुकसान पहुंचाने की फिराक में था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने भाई रंजन कुमार के साथ मिलकर पीड़ित को शराब, गांजा और हथियार के मामले में फंसाने की यह गंभीर साजिश रची।

ब्लैकमेलिंग के इस केस में दोनों भाइयों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अमन राज और रंजन कुमार ने मिलकर एक सुनियोजित तरीके से यह योजना तैयार की थी, जिसमें पीड़ित को फर्शी तरीके से अवैध गतिविधियों में लिप्त दिखाकर पुलिसिया कार्रवाई का सामना करवाया जाता और फिर इसी आधार पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता। लेकिन पसराहा थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित और तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस की सटीक छानबीन के दौरान ही यह स्पष्ट हो गया कि पीड़ित के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं, बल्कि यह सब आरोपियों द्वारा रचा गया एक षड्यंत्र है।

पुलिस ने जब साजिश की तह तक पहुंचकर पुख्ता सबूत जुटा लिए, तो अमन राज और उसके भाई रंजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश में इन दोनों भाइयों के अलावा किसी और व्यक्ति का भी हाथ है या ये दोनों अकेले ही इस पूरे षड्यंत्र को अंजाम दे रहे थे।

खगड़िया जिले में इस तरह की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है। किसी व्यक्ति को महज इसलिए अवैध हथियार, गांजा और शराब के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रचना, वह भी तब जब पीड़ित एक पुलिसकर्मी का पति हो, अपराध की एक नई और चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है। पुलिसकर्मी के परिजन को ही इस तरह निशाना बनाया जाना सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के लिए भी एक चुनौतीपूर्ण विषय है।

पसराहा थाना पुलिस की इस कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। पुलिस ने न केवल एक निर्दोष व्यक्ति को बड़े कानूनी संकट और ब्लैकमेलिंग से बचाया, बल्कि एक सोची-समझी आपराधिक साजिश को भी विफल कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ब्लैकमेलिंग या झूठे मामले में फंसाने की धमकी देता है, तो उसे तुरंत नजदीकी थाने में इसकी सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, गिरफ्तार दोनों आरोपी अमन राज और रंजन कुमार पुलिस हिरासत में हैं और उनसे गहन पूछताछ जारी है।