Wed, 07 Oct 20265:45 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 5:45 PM IST
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किशनगंज: ठाकुरगंज और बहादुरगंज को अनुमंडल बनाने की मांग पर सरकार सक्रिय, सांसद डॉ. जावेद आजाद के पत्र पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने दिए जांच के निर्देश

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बिहार के किशनगंज जिले में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण विकास सामने आया है। किशनगंज से लोकसभा सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद द्वारा जिले के ठाकुरगंज और बहादुरगंज को नया अनुमंडल बनाए जाने की जो मांग लगातार उठाई जा रही थी, उस पर अब बिहार सरकार के सर्वोच्च स्तर पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कदम क्षेत्र के लाखों निवासियों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है, जो लंबे समय से अपने क्षेत्र में एक स्वतंत्र अनुमंडल मुख्यालय की मांग कर रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने ठाकुरगंज और बहादुरगंज को अनुमंडल का दर्जा देने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा बार-बार उठाया था। उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से विस्तार से बताया था कि इन दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या का घनत्व और किशनगंज जिला मुख्यालय से इनकी दूरी को देखते हुए यहाँ अलग अनुमंडल की स्थापना अत्यंत आवश्यक हो गई है। सांसद के इस निरंतर प्रयास और उनके द्वारा लिखे गए पत्र का संज्ञान लेते हुए, बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सचिवालय ने अब औपचारिक रूप से इस दिशा में एक्शन शुरू कर दिया है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री सचिवालय, बिहार सरकार के उप सचिव अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। यह पत्र अपर मुख्य सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को संबोधित है। जारी किए गए इस पत्र में सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद द्वारा उठाई गई मांग का स्पष्ट उल्लेख किया गया है और अपर मुख्य सचिव को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच करने तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से इस तरह का पत्र जारी होना यह स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार इस मांग को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और प्रशासनिक स्तर पर इसकी व्यवहार्यता को परखा जा रहा है।

ठाकुरगंज और बहादुरगंज किशनगंज जिले के अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यस्त प्रखंड हैं। वर्तमान में इन क्षेत्रों के निवासियों को किसी भी बड़े प्रशासनिक कार्य, राजस्व संबंधी मामलों या सरकारी योजनाओं की उच्च स्तरीय स्वीकृति के लिए जिला मुख्यालय किशनगंज का रुख करना पड़ता है। जिला मुख्यालय की दूरी होने के कारण ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को काफी समय, धन और ऊर्जा का व्यय करना पड़ता है। कई बार आपातकालीन स्थिति में या मौसम खराब होने पर जिला मुख्यालय तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे में यदि ठाकुरगंज और बहादुरगंज को अनुमंडल का दर्जा मिल जाता है, तो स्थानीय स्तर पर ही प्रशासनिक अधिकारी जैसे अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) की तैनाती हो सकेगी, जिससे लोगों को उनके घर के पास ही सभी जरूरी प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने इस मामले में अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि वे क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि ठाकुरगंज और बहादुरगंज की जनता की लंबे समय से यह मांग थी कि प्रशासनिक कार्यों में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए इन क्षेत्रों को अनुमंडल बनाया जाए। इसी जनभावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा। अब जब मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस पर संज्ञान लेते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को जांच के निर्देश दे दिए हैं, तो उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस और सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।

बता दें कि किसी भी प्रखंड को अनुमंडल में बदलने की प्रक्रिया एक विस्तृत प्रशासनिक प्रक्रिया होती है। इसके लिए जनसंख्या, क्षेत्रफल, राजस्व संग्रहण, कानून व्यवस्था की स्थिति और अन्य बुनियादी ढांचे के मापदंडों का गहन अध्ययन किया जाता है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र के बाद अब विभागीय स्तर पर इन सभी मापदंडों पर ठाकुरगंज और बहादुरगंज की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद विभाग अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाना है।

किशनगंज जिला भारत-बांग्लादेश और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगा हुआ एक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में यहाँ प्रशासनिक इकाइयों का विस्तार और मजबूती न केवल आम जनता के लिए फायदेमंद है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधनों को और अधिक सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध होगा। ठाकुरगंज और बहादुरगंज जैसे क्षेत्रों में अनुमंडल स्तर का प्रशासन होने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यह मांग सरकार के सर्वोच्च स्तर पर विचाराधीन है। क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर उत्साह है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार जल्द ही ठाकुरगंज और बहादुरगंज को नया अनुमंडल घोषित करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी, जिससे इस पूरे इलाके का सर्वांगीण विकास तेज हो सकेगा।