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Thu, Oct 8, 2026Updated 10:00 AM IST
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कोरबा: रेल कॉरिडोर की 32 नई पटरियां घर में छिपाकर रखीं, जटगा चौकी पुलिस ने गैस कटर, 6 सिलेंडर और वाहन जब्त किया; आरोपी फरार

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रेलवे संपत्ति की चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले के अंतर्गत आने वाले बरमपुर गांव में कबाड़ चोर गिरोह ने छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के नए रेल लाइन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को अपना निशाना बनाया। जटगा चौकी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरमपुर गांव स्थित एक मकान से भारी मात्रा में चोरी की गई रेलवे संपत्ति और उसे काटने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके से 32 नग रेलवे पटरियां, एक स्वराज माजदा वाहन, 6 गैस सिलेंडर, गैस कटर और अन्य औजार जब्त किए हैं। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले में छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर का विस्तार कार्य तेजी से चल रहा है। इस नए रेल लाइन निर्माण के लिए भारी मात्रा में लोहे की पटरियों और अन्य सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है। इन बहुमूल्य निर्माण सामग्रियों पर कबाड़ चोर गिरोह की नजर लंबे समय से थी। चोरों ने निर्माण स्थल या स्टॉक यार्ड से रेलवे की नई पटरियों को चुराकर उन्हें अपने ठिकाने पर पहुंचाया और संभवतः उन्हें कबाड़ के रूप में बेचने या गैस कटर से काटकर ले जाने की योजना बना रहे थे।

जटगा चौकी पुलिस को इस चोरी की घटना की भनक लगी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बरमपुर गांव में दबिश दी। पुलिस ने गांव के एक संदिग्ध मकान की तलाशी ली, जहां चोरी की गई सामग्री को छिपाकर रखा गया था। तलाशी के दौरान पुलिस ने मकान से 32 नग रेलवे पटरियां बरामद कीं। ये पटरियां नई थीं और इन्हें छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के नए रेल लाइन निर्माण कार्य में इस्तेमाल किया जाना था।

रेलवे पटरियों के अलावा, पुलिस ने उस मकान से चोरी के माल को ढोने और गैस कटिंग करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं। जब्त किए गए सामान में एक स्वराज माजदा वाहन शामिल है, जिसका उपयोग संभवतः भारी रेलवे पटरियों को निर्माण स्थल से चुराकर बरमपुर गांव तक लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा था। इसके साथ ही पुलिस ने 6 गैस सिलेंडर, गैस कटर मशीन और कटिंग से जुड़े अन्य औजार भी अपने कब्जे में लिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और कटर की बरामदगी यह स्पष्ट करती है कि यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से काम करने वाले कबाड़ चोर गिरोह का काम है।

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब पुलिस टीम ने बरमपुर गांव के उक्त मकान पर छापा मारा, तब आरोपी वहां मौजूद नहीं थे। पुलिस की भनक लगते ही या उसके पहले ही आरोपी फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। जटगा चौकी पुलिस द्वारा जब्त किए गए स्वराज माजदा वाहन के नंबर और मकान के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

रेलवे की संपत्ति की चोरी एक गंभीर अपराध है, खासकर तब जब वह संपत्ति किसी नए और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजना का हिस्सा हो। छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर का नया रेल लाइन निर्माण क्षेत्र के विकास और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में निर्माण सामग्री की चोरी न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि परियोजना की समयसीमा को भी प्रभावित कर सकती है। कबाड़ चोर गिरोह अक्सर ऐसी खुली निर्माण साइटों या स्टॉक यार्ड को निशाना बनाते हैं जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती है या निगरानी का अभाव होता है।

जटगा चौकी पुलिस की इस सफल कार्रवाई से 32 रेलवे पटरियों और अन्य उपकरणों को कबाड़ बाजार में बिकने या नष्ट होने से बचा लिया गया है। जब्त की गई सभी पटरियों और उपकरणों को रेलवे विभाग को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पूर्व में भी रेल कॉरिडोर के निर्माण स्थलों से कोई चोरी की है और क्या इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता है।

वन्दे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, कोरबा जिले की पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, रेलवे निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों और अधिकारियों से भी अपनी निर्माण सामग्रियों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि भविष्य में कबाड़ चोर गिरोह ऐसी वारदातों को अंजाम न दे सकें। यह मामला कोरबा जिले में रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करता है और प्रशासन के लिए एक चुनौती भी है।