Wed, 07 Oct 20263:09 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 3:09 PM IST
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कपूरथला: तबादला रोकने के लिए मांगी रिश्वत, जल सप्लाई विभाग के एसडीई अगमजोत सिंह को विजिलेंस ब्यूरो ने 30 हजार रुपये लेते रंगे हाथों दबोचा

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वन्दे भारत न्यूज़, कपूरथला। पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कपूरथला जिले में जल सप्लाई एवं सेनीटेशन विभाग के सब-डिवीजनल इंजीनियर (एसडीई) अगमजोत सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर अपने तबादले को रुकवाने के एवज में रिश्वत की मांग करने का आरोप है। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने पहले से जाल बिछाकर रखेगा था और जैसे ही एसडीई ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में तीस हजार रुपये लिए, उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। यह कार्रवाई पंजाब सरकार द्वारा सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

विजिलेंस ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, जल सप्लाई एवं सेनीटेशन विभाग, कपूरथला में तैनात सब-डिवीजनल इंजीनियर अगमजोत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि एसडीई अगमजोत सिंह का किसी अन्य स्थान पर तबादला किया जाना प्रस्तावित था या किया जा चुका था। इसी तबादले को रुकवाने और अपनी वर्तमान तैनाती वाले स्थान पर बने रहने के लिए उन्होंने रिश्वत की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक, तबादला रोकने के इस अवैध सौदे के लिए मोटी रकम तय की गई थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में तीस हजार रुपये की राशि ली जा रही थी। शिकायतकर्ता द्वारा इस पूरे मामले की जानकारी पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को दी गई, जिसके बाद विभाग ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और शिकायत की पुष्टि होने पर जाल बिछाने की योजना तैयार की गई।

विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने पूरी सावधानी और गोपनीयता के साथ इस जाल को अंजाम दिया। टीम ने शिकायतकर्ता के सहयोग से एक योजना तैयार की, जिसके तहत तीस हजार रुपये की रिश्वत की पहली किस्त देने के लिए एसडीई अगमजोत सिंह से मुलाकात का समय और स्थान तय किया गया। जैसे ही निर्धारित समय पर आरोपी एसडीई ने रिश्वत की रकम यानी तीस हजार रुपये लिए, पहले से आसपास मौजूद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने तुरंत छापेमारी करते हुए उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर ही रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। इस तरह विजिलेंस ब्यूरो ने बिना किसी देरी के भ्रष्ट अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे जाल बिछाए जाते हैं ताकि रिश्वतखोरी में लिप्त सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को बेनकाब किया जा सके। एसडीई अगमजोत सिंह की गिरफ्तारी इसी कड़ी का हिस्सा है। जल सप्लाई एवं सेनीटेशन विभाग जैसे जनहित से जुड़े विभागों में इस तरह की भ्रष्ट गतिविधियां आम जनता और विभागीय कार्यप्रणाली दोनों को प्रभावित करती हैं। विजिलेंस ब्यूरो की इस कार्रवाई से विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में भी संदेश गया है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी सब-डिवीजनल इंजीनियर अगमजोत सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। विजिलेंस की टीम अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी अधिकारी इसके पहले भी इस तरह की रिश्वतखोरी में शामिल रहा है या नहीं। साथ ही, तय की गई कुल रिश्वत की राशि कितनी थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति या अधिकारी तो शामिल नहीं था, इस पहलू की भी तहकीकात की जा रही है।

पंजाब सरकार ने राज्य के सभी सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। इसी नीति के तहत विजिलेंस ब्यूरो को पूरी स्वतंत्रता दी गई है कि वह किसी भी स्तर के भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई करे। कपूरथला में जल सप्लाई विभाग के एसडीई की गिरफ्तारी इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विजिलेंस ब्यूरो ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में उनसे किसी काम के लिए रिश्वत की मांग की जाती है, तो वे इसकी शिकायत तुरंत विजिलेंस ब्यूरो से करें, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल, आरोपी अगमजोत सिंह विजिलेंस ब्यूरो की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।