ललितपुर: खेत में बिजली की मोटर का तार जोड़ते समय करंट लगने से बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया

ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक बार फिर बिजली के तारों से जुड़ी लापरवाही ने एक जान ले ली है। जिले के तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जमालपुर गांव में करंट लगने से एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब महिला अपने खेत पर बिजली की मोटर के तार जोड़ने का काम कर रही थीं। इसी दौरान वह अचानक तेज करंट की चपेट में आ गईं। घटना के बाद परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमालपुर गांव में रहने वाली उक्त बुजुर्ग महिला अपने खेत पर गई हुई थीं। खेत में सिंचाई या अन्य कृषि कार्यों के लिए बिजली की मोटर लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि महिला मोटर का तार जोड़ने की कोशिश कर रही थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर किसान खुद ही अपने खेतों में लगी मोटरों के तार जोड़ने या ठीक करने का काम करते हैं, जिसमें कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो जाती है। इसी क्रम में महिला जैसे ही तार को छुआ या जोड़ने का प्रयास किया, वह तेज विद्युत प्रवाह यानी करंट की चपेट में आ गईं। करंट इतना तेज था कि महिला तुरंत झुलस गईं और वहीं गिर पड़ीं।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों या परिजनों ने जब महिला को करंट की चपेट में आकर गिरते हुए देखा तो उन्होंने शोर मचाया। इसके बाद आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। किसी तरह करंट से महिला को मुक्त कराया गया। इसके बाद परिजन तत्काल उन्हें लेकर नजदीकी अस्पताल की ओर भागे ताकि उन्हें समय रहते चिकित्सीय सहायता मिल सके। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल लाए जाने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया था, क्योंकि करंट का झटका बेहद घातक था।
इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही तालबेहट कोतवाली पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जानकारी जुटाई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर किस प्रकार की तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। क्या मोटर के तारों में कोई नंगा हिस्सा था या बिजली के कनेक्शन में कोई गड़बड़ी थी, इन सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के लिए बिजली की मोटरों का उपयोग आम बात है। फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को बिजली की मोटरों पर निर्भर रहना पड़ता है। हालांकि, कई बार इन मोटरों के तार पुराने हो जाते हैं, उनका इंसुलेशन (बाहरी आवरण) घिस जाता है या तारों के जोड़ खुले रह जाते हैं। ऐसे में जब कोई व्यक्ति नंगे हाथों या बिना सुरक्षा उपकरणों के इन तारों को छूता है, तो करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों और विद्युत विभाग द्वारा हमेशा यह चेतावनी दी जाती है कि बिजली के तारों या मोटरों को जोड़ने का काम किसी प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से ही करवाना चाहिए, लेकिन ग्रामीण अंचलों में किसान अक्सर खुद ही यह काम कर लेते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित होता है।
जमालपुर गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर खेतों में बिजली की मोटरों के उपयोग में बरती जा रही लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुजुर्ग महिला की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि महिला घर और खेत दोनों का ध्यान रखती थीं। उनके अचानक चले जाने से परिवार के सदस्य सदमे में हैं। गांव के अन्य लोग भी इस घटना से सहमे हुए हैं और खेतों में काम करते समय बिजली के तारों को लेकर डरे हुए हैं।
तालाबेहट कोतवाली क्षेत्र के अधिकारियों का कहना है कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस बीच, स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठने लगी है कि विद्युत विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बिजली के सुरक्षित उपयोग और मोटरों के रखरखाव को लेकर जागरूक करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे प्राणघातक हादसे दोहराए न जाएं। ललितपुर जिले में पिछले कुछ समय में बिजली के करंट से होने वाली मौतों के मामलों ने प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।

