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Tue, Oct 6, 2026Updated 10:38 AM IST
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ललितपुर: खेतों में उड़द की कटाई के दौरान चार लोगों को सांप ने डसा, दो महिलाओं सहित सभी पीड़ित मेडिकल कॉलेज में भर्ती

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उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों पर सांप के हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, जिले के अलग-अलग इलाकों में हुई इन घटनाओं में कुल चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सभी पीड़ितों को इलाज के लिए ललितपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यह घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब क्षेत्र के किसान खेतों में उड़द की फसल की कटाई में व्यस्त हैं, जिससे खेतों में मौजूद विषैले जीवों से आमना-सामना होने का खतरा बढ़ गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली घटना बानपुर थाना क्षेत्र के तोर गांव में दर्ज की गई है। यहां 50 वर्षीय फूला बाई शाम के समय अपने खेत में उड़द की कटाई कर रही थीं। बताया जा रहा है कि शाम लगभग 5 बजे फसल काटते समय उनके हाथ में एक सांप ने डस लिया। घटना के तुरंत बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे की चिकित्सा के लिए ललितपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। फूला बाई पेशे से किसान हैं और खेत में नियमित रूप से कार्य करती हैं। शाम के धुंधलके में फसल कटाई करते समय सांप दिखाई नहीं देने के कारण यह दुर्घटना हुई।

इसी प्रकार की एक अन्य घटना तालबेहट थाना क्षेत्र के असऊपुरा गांव में सामने आई है। यहां 35 वर्षीय रामदेवी शाम 5:30 बजे खेत में उड़द की कटाई कर रही थीं। इसी दौरान उनके पैर में सांप ने डस लिया। रामदेवी को भी तत्काल प्रभाव से ललितपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। दोनों ही महिलाएं खेत में शारीरिक श्रम कर रही थीं और फसल की कटाई के दौरान जमीन के संपर्क में होने के कारण वे सांप के हमले का शिकार हुईं। चिकित्सकों ने दोनों महिलाओं की हालत पर नजर रखी हुई है और आवश्यक एंटी-वेनम तथा सहायक चिकित्सा प्रदान की जा रही है।

इन दो महिलाओं के अलावा, रिपोर्ट में उल्लेख है कि कुल चार लोगों को सांप ने डसा है और उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अन्य दो पीड़ितों के नाम, आयु या घटना के सटीक स्थान और समय का विस्तृत विवरण वर्तमान स्रोत सामग्री में उपलब्ध नहीं है। समाचार शीर्षक में यह संकेत दिया गया है कि एक किसान को ट्रैक्टर चलाते समय सांप ने काटा था, लेकिन मुख्य पाठ्य सामग्री में इस विशिष्ट घटना या उस किसान की पहचान के बारे में कोई पुष्ट विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए, अन्य दो पीड़ितों और ट्रैक्टर संबंधी घटना के संबंध में केवल इतना ही कहा जा सकता है कि वे इसी व्यापक घटनाक्रम का हिस्सा हैं और उन्हें भी उसी चिकित्सा संस्थान में भर्ती किया गया है। किसी भी अनुमान या अपुष्ट जानकारी से बचते हुए, केवल उपलब्ध तथ्यों को ही रिपोर्ट किया जा रहा है।

ललितपुर जिला बुंदेलखंड क्षेत्र का हिस्सा है, जहां कृषि मुख्य व्यवसाय है। वर्तमान में उड़द की फसल की कटाई का सीजन चल रहा है। उड़द की फसल कम ऊंचाई वाली होती है और इसे काटने के लिए किसानों को झुककर या जमीन के करीब बैठकर काम करना पड़ता है। इसके अलावा, उड़द के पौधों की घनी झाड़ियों में सांप और अन्य रेंगने वाले जीव आसानी से छिप जाते हैं। शाम के समय रोशनी कम होने और दृश्यता स्पष्ट न होने के कारण किसानों के लिए इन जीवों को समय पर देख पाना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि फसल कटाई के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर किसानों को खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, लेकिन खेती की मजबूरियों और पारंपरिक तरीकों के कारण जोखिम बना रहता है।

ललितपुर मेडिकल कॉलेज में सर्पदंश के मामलों के प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्थाएं मौजूद हैं। अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) और अन्य जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक रखा जाता है। सर्पदंश के मरीजों के लिए आपातकालीन वार्ड में त्वरित उपचार प्रोटोकॉल लागू है। डॉक्टरों का कहना है कि सांप काटने की स्थिति में मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए और देसी उपचार या झाड़-फूंक से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कीमती समय नष्ट होता है और मरीज की जान को खतरा बढ़ जाता है। चारों पीड़ितों को समय पर अस्पताल लाया गया, जो उनके उपचार के लिए सकारात्मक कारक है।

यह घटना जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा और कृषि कार्य के दौरान occupational hazards की ओर ध्यान आकर्षित करती है। हालांकि, वर्तमान रिपोर्ट में केवल चार पीड़ितों के भर्ती होने और दो महिलाओं की घटनाओं का विस्तृत विवरण ही पुष्ट है। अन्य विवरणों की पुष्टि के लिए आधिकारिक बयान या अतिरिक्त स्रोतों की आवश्यकता होगी। वंदे भारत न्यूज़ तथ्यात्मक सटीकता के प्रति प्रतिबद्ध है और बिना सत्यापन के किसी भी जानकारी को प्रकाशित नहीं करता।