LPG सिलेंडर पर सब्सिडी के लिए e-KYC अनिवार्य: डेडलाइन खत्म, 3.07 करोड़ उपभोक्ता अभी भी बाकी, जानें मोबाइल से प्रक्रिया

नई दिल्ली। वंदे भारत न्यूज़। देश में रसोई गैस (LPG) का उपयोग करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खबर है। यदि आपने अभी तक अपने घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन का ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं करवाया है, तो आपको तुरंत यह काम पूरा करना होगा, क्योंकि इसकी निर्धारित समय सीमा अब समाप्त हो रही है। सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार, एक अक्टूबर से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के लिए ई-केवाईसी करवाना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया को पूरा न करने वाले उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाएगा। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक यह कार्य नहीं किया है, उन्हें आर्थिक नुकसान से बचने के लिए बिना देरी किए अपने मोबाइल फोन या संबंधित गैस एजेंसी के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
सरकारी आंकड़ों और प्राप्त जानकारी के मुताबिक, देश भर में अभी भी लगभग 3.07 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने अपने गैस कनेक्शन का ई-केवाईसी अपडेट नहीं करवाया है। यह संख्या काफी बड़ी है और इन सभी उपभोक्ताओं को एक अक्टूबर की डेडलाइन के बाद सब्सिडी से वंचित रहना पड़ सकता है। सरकार ने पहले ही कई बार उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए ई-केवाईसी करवाने की अपील की थी और इसके लिए पर्याप्त समय भी दिया गया था। इसके बावजूद लाखों लोग इस प्रक्रिया से दूर रहे हैं। अब जब नियम लागू होने की अंतिम तिथि आ गई है, तेल कंपनियां और गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से लगातार संपर्क कर रही हैं ताकि वे अपना विवरण अपडेट कर सकें।
ई-केवाईसी की यह अनिवार्यता मुख्य रूप से सरकारी सब्सिडी के सही और पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर पर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और योग्य उपभोक्ताओं को ही मिले। कई बार देखा गया है कि फर्जी नामों या अपडेट न किए गए खातों के जरिए सब्सिडी का दुरुपयोग होता रहा है। ई-केवाईसी के माध्यम से आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी को सीधे गैस कनेक्शन से जोड़ा जाएगा, जिससे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) यानी पीएएल (PAHAL) योजना के तहत सब्सिडी की राशि सीधे सही व्यक्ति के बैंक खाते में पहुंच सकेगी। यदि किसी उपभोक्ता का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, तो उसे सिलेंडर तो मिल सकता है, लेकिन उस पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि उसके खाते में नहीं भेजी जाएगी।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तेल विपणन कंपनियों ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को काफी सरल बनाया है। इसे घर बैठे अपने स्मार्टफोन की मदद से भी पूरा किया जा सकता है। अगर आप इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस में से किसी भी कंपनी के उपभोक्ता हैं, तो आप अपनी संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप में लॉगिन करने के बाद अपने उपभोक्ता नंबर (Consumer Number) या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करें। इसके बाद प्रोफाइल या सर्विस सेक्शन में जाकर ई-केवाईसी (e-KYC) का विकल्प चुनें। यहां आपको अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। आधार से जुड़े आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करके आप अपनी पहचान की पुष्टि कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको अपने बैंक खाते की जानकारी को भी लिंक करना होगा ताकि सब्सिडी की राशि बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आ सके।
यदि कोई उपभोक्ता ऑनलाइन या मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी करने में असमर्थ है या उसे तकनीकी कठिनाई आ रही है, तो वह अपने नजदीकी गैस वितरक (Distributor) या एजेंसी पर जाकर भी यह काम करवा सकता है। एजेंसी पर जाने से पहले अपने साथ आधार कार्ड की मूल प्रति, बैंक पासबुक की कॉपी और गैस कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज जैसे उपभोक्ता कार्ड या पिछली रसीद अवश्य लेकर जाएं। एजेंसी का कर्मचारी आपकी मौजूदगी में बायोमेट्रिक या ओटीपी आधारित तरीके से आपका ई-केवाईसी पूरा कर देगा। इसके अलावा, तेल कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके भी इस प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि ई-केवाईसी को अनिवार्य बनाने का यह कदम डिजिटल इंडिया और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल डुप्लीकेट या फर्जी कनेक्शनों पर लगाम लगेगी, बल्कि सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अनावश्यक बोझ को भी कम किया जा सकेगा। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसलिए गैस एजेंसियों को विशेष शिविर आयोजित करके या घर-घर जाकर इन वर्गों की मदद करने की सलाह दी जा रही है।
वंदे भारत न्यूज़ की इस रिपोर्ट के माध्यम से सभी एलपीजी उपभोक्ताओं से एक बार फिर अपील की जाती है कि वे सब्सिडी का नुकसान उठाने से बचने के लिए तुरंत अपने गैस कनेक्शन का ई-केवाईसी अपडेट करवा लें। चूंकि एक अक्टूबर की डेडलाइन बीत चुकी है, इसलिए जिन 3.07 करोड़ उपभोक्ताओं का विवरण अभी अपडेट नहीं हुआ है, उन्हें आगामी सिलेंडर बुकिंग में सब्सिडी न मिलने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। समय रहते अपना आधार और बैंक खाता लिंक करवाएं ताकि आपको 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर पर मिलने वाला पूरा लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।

