Wed, 07 Oct 20262:02 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 2:02 PM IST
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लुधियाना के समीप दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पथराव: ट्रेन के कोच की तीन खिड़कियों के शीशे चकनाचूर, आरपीएफ ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मामला

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लुधियाना। वंदे भारत न्यूज़। पंजाब के लुधियाना जिले में रेलवे सुरक्षा को लेकर एक गंभीर घटना सामने आई है। लुधियाना के निकट चलती हुई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों द्वारा पथराव किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस पथराव की घटना में ट्रेन के एक कोच की खिड़की के तीन शीशे पूरी तरह से टूट गए और चकनाचूर हो गए। हालांकि, इस घटना में किसी भी यात्री के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन यह वाकया रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) हरकत में आई और तत्काल मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरपीएफ ने इस संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्धों की तलाश में जुट गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस अपनी निर्धारित समय सारणी के अनुसार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। जैसे ही यह ट्रेन लुधियाना के समीप पहुंची, तभी बाहर से कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने ट्रेन की तरफ पत्थर फेंके। पत्थर इतनी तेजी और सटीकता से फेंके गए कि वे सीधे ट्रेन के एक कोच की खिड़कियों से जा टकराए। इस हमले के कारण उस विशिष्ट कोच की तीन खिड़कियों के शीशे टूटकर बिखर गए। शीशे टूटने की तेज आवाज सुनकर कोच में मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया। यात्रियों ने तुरंत इस घटना की सूचना ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मचारियों और टिकट चेकर को दी, जिसके बाद मामले की जानकारी आरपीएफ तक पहुंचाई गई।

घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ के अधिकारी और जवान सक्रिय हो गए। ट्रेन के रुकने पर आरपीएफ की टीम ने तुरंत उस स्थान का निरीक्षण किया जहां पर पथराव की यह घटना घटी थी। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल के आसपास के पूरे क्षेत्र की बारीकी से जांच-पड़ताल की। उन्होंने आसपास के इलाकों में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में अभियान चलाया और स्थानीय लोगों से भी इस बारे में पूछताछ की। हालांकि, जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। हमलावरों ने पत्थर फेंकने के बाद मौके से फरार होने में सफलता पा ली थी, जिसके कारण उन्हें तुरंत पकड़ा नहीं जा सका।

इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चलती ट्रेनों पर पथराव करना भारतीय दंड संहिता और रेलवे अधिनियम के तहत एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को कठोर कानूनी कार्रवाई और सजा का सामना करना पड़ सकता है। आरपीएफ ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पथराव करने वालों की पहचान करने के लिए सभी संभावित तकनीकी और पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया जा रहा है। घटनास्थल के आसपास यदि कोई सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं, तो उनके फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती है। रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेल पुलिस (जीआरपी) ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार गश्त और निगरानी बढ़ाने का प्रयास करती हैं। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, वहां सुरक्षा बलों की तैनाती और गश्त को और अधिक सख्त किया जाता है। लुधियाना के निकट दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस पर हुए इस पथराव ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

आरपीएफ ने आम जनता और यात्रियों से भी अपील की है कि यदि उन्हें रेलवे ट्रैक के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या कोई व्यक्ति ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से ट्रैक के पास घूमता हुआ नजर आए, तो वे तुरंत इसकी सूचना रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या आरपीएफ हेल्पलाइन नंबर 182 पर दें। समय पर दी गई सही सूचना से ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के कठघरे में लाकर उचित दंड दिया जाएगा। फिलहाल, आरपीएफ की टीमें लुधियाना के उस विशिष्ट क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। ट्रेन के क्षतिग्रस्त हुए शीशों को बदलने और कोच को पुनः यात्रा के योग्य बनाने की प्रक्रिया भी रेलवे वर्कशॉप द्वारा पूरी कर ली गई है।