धनबाद/नई दिल्ली: भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। मधुबनी पेंट्स को अमेज़न सम्भव अवॉर्ड 2025 में एम्प्लॉयमेंट कैटेलिस्ट श्रेणी के तहत सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार सतत आजीविका सृजन, कारीगरों के सशक्तिकरण और पारंपरिक मधुबनी कला को राष्ट्रीय व वैश्विक मंच पर पुनर्जीवित करने में ब्रांड के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कलाकार आशा झा की कलात्मक विरासत से प्रेरित यह ब्रांड सह-संस्थापक उमा चंदन के नेतृत्व में एक प्रभावशाली सामाजिक उद्यम के रूप में उभरा है। मधुबनी पेंट्स ने महिला कारीगरों, ग्रामीण शिल्प समूहों और युवा कलाकारों को गरिमापूर्ण रोजगार उपलब्ध कराते हुए कला की प्रामाणिकता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और उचित पारिश्रमिक को प्राथमिकता दी है।
पुरस्कार समारोह में जूरी ने हस्तनिर्मित उत्पादन को बड़े स्तर पर विस्तार देने के साथ-साथ नैतिक शिल्पकला और टिकाऊ प्रक्रियाओं के सफल संतुलन की सराहना की। सह-संस्थापक उमा चंदन ने कहा कि यह सम्मान कारीगरों—विशेषकर ग्रामीण महिलाओं—के समर्पण को समर्पित है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं।
मधुबनी पेंट्स ने पारंपरिक कला को समकालीन लाइफस्टाइल व फैशन उत्पादों से जोड़ते हुए शिल्प पुनर्जागरण आंदोलन में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत किया है। यह उपलब्धि भविष्य में ब्रांड विस्तार, कारीगर नेटवर्क सुदृढ़ीकरण और समावेशी, सतत विकास को नई गति देने की उम्मीद जगाती है।
















