हजारीबाग: झारखंड में सामने आए वन भूमि घोटाले की जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन खरीद–बिक्री से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घोटाले की परतें खुलने के साथ ही कई अधिकारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आने से पूरे हजारीबाग जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, एसीबी ने जांच तेज करते हुए आठ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपी भूमि खरीद–बिक्री के कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस मामले में अब तक 70 से अधिक लोगों के नाम जांच के दायरे में शामिल हैं।
एसीबी इससे पहले विनय सिंह को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जो आईएएस अधिकारी विनय चौबे के करीबी और नेक्सजेन कंपनी के मालिक बताए जाते हैं। इसके अलावा दो अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो चुकी है। लगातार हो रही छापेमारी और गिरफ्तारियों ने हजारीबाग में राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में गर्मी बढ़ा दी है, क्योंकि मामले में हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद समेत कई प्रभावशाली नाम भी सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सुराग मिले हैं, जिसके बाद घोटाले का दायरा और बढ़ा दिया गया है। एसीबी कई वर्षों से इस मामले की जांच कर रही थी, खासकर उस अवधि की जब आईएएस विनय कुमार चौबे हजारीबाग के उपायुक्त के पद पर थे और उन पर सरकारी व वन भूमि से जुड़े अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे।
एसीबी ने प्राप्त सबूतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाया है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ व छापेमारी होने की संभावना जताई जा रही है।#Hazaribagh #ACBAction #ForestLandScam #JharkhandNews #CorruptionCase #Encroachment #InvestigationUpdate #VandeBharatNews



















