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Mon, Oct 5, 2026Updated 9:46 PM IST
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मानसा में CM भगवंत मान के दौरे से पहले शिक्षक नेता गिरफ्तार, थाना सिटी-2 के बाहर शिक्षकों ने दिया धरना

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वंदे भारत न्यूज़ डेस्क। पंजाब के मानसा जिले में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आगमन से ठीक पहले पुलिस प्रशासन और शिक्षक संगठनों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार कर रहे शिक्षक नेताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने थाना सिटी-2 के बाहर एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया और गिरफ्तार किए गए अपने नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग उठाई। यह घटनाक्रम राज्य में शिक्षकों और सरकार के बीच चल रही खींचतान का ताजा अध्याय माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, मानसा जिले में मुख्यमंत्री भगवंत मान का दौरा प्रस्तावित था। इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि कुछ शिक्षक संगठनों के नेता मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उनके कार्यक्रम स्थल या मार्ग पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। शिक्षक नेता अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस रणनीति पर काम कर रहे थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून व्यवस्था की समस्या को टालने के लिए पूर्व-निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए इन शिक्षक नेताओं को कार्यक्रम से पहले ही हिरासत में ले लिया।

शिक्षक नेताओं की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही अन्य शिक्षकों और संगठनों तक पहुंची, इसका तेजी से विरोध शुरू हो गया। सैकड़ों की संख्या में शिक्षक थाना सिटी-2 के बाहर पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। धरने पर बैठे शिक्षकों ने गिरफ्तार किए गए अपने साथियों की बिना किसी शर्त के तत्काल रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

थाना सिटी-2 के बाहर शिक्षकों के जमावड़े से क्षेत्र में अस्थायी रूप से यातायात और जनजीवन भी प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस का पक्ष यह था कि मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की बाधा स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं, दूसरी ओर शिक्षक संगठन इस बात पर अड़े रहे कि बिना उचित कारण और बिना किसी हिंसक गतिविधि के उनके नेताओं को हिरासत में लेना पूरी तरह से अनुचित और दमनकारी कदम है। दोनों पक्षों के बीच इस गतिरोध ने स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल पैदा कर दिया।

गौरतलब है कि पंजाब में शिक्षक संगठन पिछले काफी समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के सामने आवाज उठाते रहे हैं। शिक्षकों की मांगों में नियमितिकरण, वेतन विसंगतियों का समाधान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और कार्य परिस्थितियों में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहे हैं। इसके लिए शिक्षक संगठनों ने समय-समय पर राज्य भर में हड़तालें, धरने और मार्च निकालकर सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे को शिक्षक संगठनों द्वारा अपनी मांगों को सीधे तौर पर सरकार के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाने के एक अवसर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस की पूर्व-निरोधात्मक कार्रवाई ने उनकी इस रणनीति पर पानी फेर दिया।

मानसा जिले में हुई इस घटना ने एक बार फिर शिक्षकों और राज्य सरकार के बीच संबंधों में आई खटास को उजागर किया है। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय उनके विरोध के स्वरों को दबाने का रास्ता चुन रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ, तो वे पूरे राज्य में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन का रुख सख्त रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गिरफ्तार किए गए शिक्षक नेताओं को कब तक रिहा किया जाएगा या क्या उनके खिलाफ कोई औपचारिक मामला दर्ज किया गया है। धरने पर बैठे शिक्षकों और पुलिस के बीच यह टकराव फिलहाल जारी है और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में आगे की जानकारी और अपडेट की प्रतीक्षा कर रहा है।