मधेपुरा: जितिया पर्व पर नदी में नहाने गया 17 वर्षीय किशोर डूबा, 36 घंटे बाद SDRF ने एक किलोमीटर दूर से शव बरामद किया

बिहार के मधेपुरा जिले से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। जितिया पर्व के पावन अवसर पर नदी में स्नान करने गए एक 17 वर्षीय किशोर की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा तीन अक्टूबर को उस समय हुआ जब किशोर अन्य लोगों के साथ साहुगढ़ नदी में नहाने के लिए गया था। करीब 36 घंटे तक चले लंबे और कठिन सर्च ऑपरेशन के बाद स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम ने किशोर के शव को घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर नदी से बाहर निकाला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक किशोर की पहचान सौरभ कुमार के रूप में हुई है। वह मधेपुरा जिले के साहुगढ़-2 पंचायत के अंतर्गत आने वाले भगवानपुर वार्ड-2 का निवासी था। सौरभ स्थानीय निवासी रवींद्र यादव का बेटा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन अक्टूबर को जितिया पर्व के दिन सौरभ कुमार गांव के अन्य लोगों के साथ साहुगढ़ नदी में स्नान करने के लिए गया था। जितिया पर्व के दौरान नदी या तालाब में स्नान करने की परंपरा रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग नदी की ओर जाते हैं। इसी क्रम में सौरभ भी नदी में उतरा, लेकिन अचानक वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और पानी की गहराई के कारण वे उसे बचा नहीं सके। देखते ही देखते किशोर पानी में समा गया और लापता हो गया।
किशोर के डूबने की सूचना जैसे ही गांव और प्रशासन तक पहुंची, इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ साहुगढ़ नदी के किनारे जमा हो गई। परिजन बदहवास होकर नदी किनारे पहुंचे और अपने बेटे की सकुशल वापसी की दुआ करने लगे। शुरुआती दौर में स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों द्वारा नदी में किशोर को खोजने के प्रयास किए गए, लेकिन अंधेरा होने और पानी में बहाव अधिक होने के कारण उन्हें कोई सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया और मदद की गुहार लगाई गई।
प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बुलाया। SDRF की विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने किशोर की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी के पानी में बहाव और गहराई को देखते हुए यह सर्च ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। SDRF की टीम ने लगातार कई घंटों तक नदी के विभिन्न हिस्सों में डूबे किशोर को खोजने का काम किया। रात के अंधेरे में भी रेस्क्यू टीम ने अपना अभियान नहीं रोका और लगातार तलाशी जारी रखी।
करीब 36 घंटे के लंबे, थका देने वाले और निरंतर चले सर्च ऑपरेशन के बाद अंततः SDRF की टीम को सफलता मिली। टीम ने जिस स्थान से किशोर के डूबने की घटना हुई थी, वहां से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर नदी के अंदर से सौरभ कुमार के शव को बरामद कर लिया। माना जा रहा है कि नदी के तेज बहाव के कारण किशोर का शव घटनास्थल से काफी दूर बह गया था, जिसकी वजह से उसे खोजने में इतना अधिक समय लगा। SDRF की टीम ने शव को सुरक्षित रूप से नदी से बाहर निकाला और उसे परिजनों तथा पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
शव मिलने की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 17 वर्षीय सौरभ कुमार की मौत की खबर से उसके पिता रवींद्र यादव सहित पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जितिया पर्व जो परिवारों में खुशियों और मंगलकामनाओं का त्योहार माना जाता है, वह इस परिवार के लिए एक अत्यंत दुखद और काला दिन बन गया। गांव में भी इस घटना को लेकर गहरा शोक व्याप्त है और हर किसी की आंखें नम हैं।
इस घटना ने एक बार फिर से त्योहारों के दौरान नदी, तालाब और जलाशयों में स्नान करने से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं और जागरूकता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार में जितिया पर्व के दौरान नदियों में नहाने की परंपरा है, लेकिन कई बार ऐसे हादसे सामने आते हैं जिनमें जान-माल का भारी नुकसान होता है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से समय-समय पर लोगों को गहरे पानी में जाने से बचने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की जाती है, लेकिन ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
SDRF की टीम ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए 36 घंटे के निरंतर प्रयास के बाद शव को बरामद कर लिया, जिससे परिजनों को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने में मदद मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए संबंधित अस्पताल भेजने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की। मधेपुरा जिले के साहुगढ़-2 पंचायत के भगवानपुर वार्ड-2 में सौरभ कुमार की इस अकाल मौत ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।

