Sun, 04 Oct 202611:34 AM
Sun, Oct 4, 2026Updated 11:34 AM IST
होम › मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में 104 पदों की मतगणना आज: सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष सहित पंचायत उपचुनाव के नतीजों पर रहेगी सभी की नजर

WhatsAppFacebookX

मध्य प्रदेश में पंचायत उपचुनाव और नगरीय निकाय के महत्वपूर्ण पदों के लिए शनिवार को मतगणना का कार्य संपन्न होगा। राज्य में कुल 104 पदों के लिए 29 सितंबर को मतदान कराया गया था, जिसमें 103 पंचायत पद और आगर-मालवा जिले के सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष का एक पद शामिल है। इन सभी पदों के परिणाम आज घोषित किए जाएंगे। मतगणना की प्रक्रिया सुबह 8 बजे से विधिवत रूप से शुरू होगी। इस चुनावी प्रक्रिया में सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के अलावा नलखेड़ा जनपद के वार्ड क्रमांक 6 और वार्ड क्रमांक 11 के सदस्य पदों के भी नतीजे सामने आएंगे, जिन्हें लेकर स्थानीय स्तर पर काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस प्रतिष्ठित पद के लिए प्रदीप सोनी को अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने विष्णु पाटीदार को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों ही दलों ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगाया था और अब नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। सुसनेर नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले कुल 15 वार्डों में मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई थी। इन 15 वार्डों के लिए प्रशासन द्वारा 17 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सुसनेर में कुल 13,843 पंजीकृत मतदाताओं में से 10,515 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार यहां 75.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत माना जा रहा है।

मतगणना के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं और केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। नलखेड़ा जनपद के वार्ड 6 और 11 के लिए डाले गए वोटों की गिनती सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय महाविद्यालय में की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के वोटों की गिनती आईटीआई कॉलेज सुसनेर में आयोजित की गई है। सुसनेर में मतगणना कार्य को सुचारू और पारदर्शी रूप से संपन्न कराने के लिए 15 वार्डों के अनुरूप 15 टेबल लगाई गई हैं। हालांकि, गिनती की प्रक्रिया में कुछ वार्डों के लिए विशेष व्यवस्था रखी गई है। वार्ड क्रमांक 7 और वार्ड क्रमांक 10, जो कि क्षेत्रफल और मतदाताओं की संख्या के लिहाज से बड़े वार्ड माने जाते हैं, उनमें दो-दो पोलिंग बूथ बनाए गए थे। इसलिए इन दोनों वार्डों की मतगणना दूसरे राउंड में की जाएगी। शेष वार्डों में एक-एक पोलिंग बूथ होने के कारण उनकी गिनती पहले राउंड में ही पूरी कर ली जाएगी।

मतगणना स्थल पर सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी मतगणना केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुसनेर में मतगणना कार्य के संचालन के लिए करीब 50 से भी अधिक विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे। मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए समय सीमा भी निर्धारित की गई है। सुबह साढ़े 7 बजे से साढ़े 8 बजे तक संबंधित अधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद ईवीएम मशीनों से वोटों की गिनती का कार्य सुबह 9 बजे से औपचारिक रूप से प्रारंभ होगा।

इस पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाने के लिए मतगणना हेतु तय किए गए कर्मचारियों को पहले से ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। गुरुवार को आगर-मालवा जिला मुख्यालय पर इन कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक दुर्ग विजय सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे पूर्ण सावधानी और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि मतगणना प्रक्रिया पर कोई प्रश्नचिह्न न लग सके।

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में 29 सितंबर को हुए इस मतदान में 103 पंचायत पदों के लिए उपचुनाव कराया गया था। इसके साथ ही आगर-मालवा जिले के सुसनेर में नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए भी वोटिंग कराई गई थी। इस तरह राज्य में एक साथ कुल 104 पदों के लिए मतदान संपन्न हुआ था। अब शनिवार को होने वाली मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजरें अब सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के नतीजों पर विशेष रूप से टिकी हुई हैं, क्योंकि यह परिणाम आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और मतगणना केंद्रों के आसपास धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेंगे।